पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गुरुवार को बंपर वोटिंग हुई। खासकर बंगाल में तो 294 सीटों में से 152 सीटों पर पहले फेज में 92.10 फीसदी मतदान हुआ। वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर रिकार्ड 84.95 फीसदी वोटिंग हुई। दोनों राज्यों के इतिहास में यह सबसे ज्यादा वोटिंग है। चुनाव आयोग ने ये आंकड़े शाम आठ बजे जारी किए। रिकार्ड वोटिंग पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल की जनता ने एसआईआर के खिलाफ बंपर वोटिंग की है। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि टीएमसी का सूरज ढल चुका है। बंगाल के लोग परिवर्तन के लिए बड़ी संख्या में निकले हैं। बता दें कि इससे पहले असम, केरल और पुड्डुचेरी में भी नौ अप्रैल को रिकार्ड वोटिंग हुई थी। बंगाल में वोटिंग के दौरान मारपीट और झड़प की पांच घटनाएं सामने आई हैं। बंगाल के दक्षिण मिदनापुर में कुमारगंज सीट से भाजपा कैंडीडेट सुवेंदु सरकार को भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।उनका सिक्योरिटी गार्ड उनके साथ था। इसके बावजूद भीड़ ने उन्हें खदेड़ दिया। पश्चिम बर्धमान जिला के बर्नपुर में आसनसोल साउथ सीट से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर हमला हुआ। इससे गाड़ी के पीछे का शीशा टूट गया। अग्निमित्रा ने बताया कि उनकी कार पर पत्थर फेंके गए। बीरभूम के बोधपुर गांव में ईवीएम खराब होने के बाद लोगों ने पुलिस और सेंट्रल फोर्स पर पथराव कर दिया। पुलिस की गाड़ी में तोडफ़ोड़ भी की। घटना में कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। मुर्शिदाबाद के नौदा में वोटिंग से पिछली रात देसी बम से हमले में कई लोग घायल हो गए। आम जनता उन्नयन पार्टी चीफ हुमायूं कबीर सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान उनके समर्थकों और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट, पथराव हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हुमायूं की कार पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया। उधर, सिलीगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। विवाद बढ़ता देख सुरक्षाबलों ने दोनों पक्षों को शांत कराया। यहां से शंकर घोष भाजपा प्रत्याशी हैं। बता दें कि तमिलनाडु में एक ही चरण में मतदान था, जबकि पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी।
