🚩 पंजाब दस्तक: कुल्लू जिला विशेष ग्राउंड रिपोर्ट 🚩शनिवार, 14 फरवरी 2026गोविंद (वरिष्ठ पत्रकार, कुल्लू)❄️ बर्फ की कैद में देवघाटी: भारी हिमपात के बाद थमी रफ्तार, बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रही जनताकुल्लू: देवघाटी कुल्लू में ताजा हिमपात के बाद जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। ऊंचे क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और स्थानीय लोगों सहित बागवानों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।मनाली में फंसे पर्यटक: पर्यटन नगरी मनाली के ऊपरी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के बाद दर्जनों गाड़ियाँ बीच रास्ते में फंसी हुई हैं। समय पर बर्फ न हटाए जाने के कारण पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को कड़ाके की ठंड में घंटों जाम का सामना करना पड़ रहा है।अंधेरे में डूबे ग्रामीण क्षेत्र: बंजार, सैंज और आनी की दर्जनों पंचायतों में पिछले 48 घंटों से बिजली आपूर्ति ठप है। कई स्थानों पर भारी बर्फबारी के कारण बिजली की लाइनें और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिन्हें बहाल करने का काम धीमी गति से चल रहा है।पेयजल का गहरा संकट: कड़ाके की ठंड और शून्य से नीचे तापमान के कारण पाइपें फटने और पानी जमने से पेयजल की भारी किल्लत हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए मीलों दूर प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है।बागवानी और संपर्क मार्ग: संपर्क सड़कों की खस्ता हालत के चलते खाद और जरूरी कृषि सामग्री की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। बागवानों का कहना है कि सड़कों की समय पर बहाली न होने से आगामी सीजन की बागवानी तैयारियों पर बुरा असर पड़ रहा है।स्वास्थ्य सेवाएं बाधित: बर्फबारी के कारण दुर्गम इलाकों में एम्बुलेंस सेवाओं की आवाजाही पूरी तरह बाधित हुई है। कई गांवों में मरीजों को मुख्य सड़क तक पहुँचाने के लिए ग्रामीण पालकी का सहारा ले रहे हैं, क्योंकि प्रशासन की मशीनरी अंदरूनी रास्तों तक नहीं पहुँची है।सड़क बहाली की सुस्त रफ्तार: फिलहाल लोक निर्माण विभाग की मशीनरी केवल मुख्य नेशनल हाईवे तक ही सीमित नजर आ रही है। जिला के दर्जनों संपर्क मार्गों पर बर्फ की मोटी परत जमी हुई है, जिससे गांवों का संपर्क मुख्यालय से कटा हुआ है।परिवहन सेवाओं पर ब्रेक: हिमपात के कारण हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के कई रूट प्रभावित हुए हैं। ऊपरी कुल्लू और ग्रामीण रूटों पर बस सेवाएं ठप होने से दैनिक यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है।रसद और राशन की आपूर्ति: भारी बर्फबारी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के राशन डिपो में आवश्यक खाद्य सामग्री पहुँचाने में दिक्कतें आ रही हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिट्टी के तेल और एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।डिजिटल और संचार संकट: अत्यधिक ठंड और बिजली न होने के कारण कई मोबाइल टावर शो-पीस बनकर रह गए हैं। दुर्गम क्षेत्रों में संचार व्यवस्था और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने से आपातकालीन सूचनाएं पहुँचाने में भी बाधा आ रही है।पशुपालन की चुनौतियां: चरागाहों के बर्फ से ढक जाने के कारण पशुपालकों के सामने चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सड़कों के बंद होने से बाहर से चारा मंगवाना भी मुश्किल हो गया है, जिससे पशुधन के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
