पंजाब दस्तक: काजल राणा 1. प्रशासन का निकम्मापन: आवारा पशुओं के खौफ में जनता, अधिकारी मौनशहर की मुख्य सड़कों और बाजारों में आवारा पशुओं का जमावड़ा प्रशासन के दावों की पोल खोल रहा है। बस स्टैंड से लेकर मुख्य बाजार तक सांडों के आतंक से राहगीर और स्कूली बच्चे सहमे हुए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन इस समस्या को लेकर पूरी तरह विफल साबित हो रहा है; न तो गौशालाओं की सुध ली जा रही है और न ही सड़कों से इन पशुओं को हटाया जा रहा है।2. सीएम सुक्खू की सौगात: बरठीं में करोड़ों के विकास कार्यों का शिलान्यासमुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बरठीं में विकास की झड़ी लगा दी है। उन्होंने 2.5 करोड़ की लागत से बनने वाले पुलों और शिक्षण संस्थानों के अपग्रेडेशन की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों का विकास उनकी सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।3. जल शक्ति विभाग की सुस्ती: दर्जनों गांवों में पानी के लिए मची हाहाकारउपमंडल में पेयजल संकट ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से नल सूखे पड़े हैं और विभाग की मशीनरी खराब होने का बहाना बनाकर अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं। ग्रामीण महिलाएं मीलों दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं, जिससे जनता में विभाग के प्रति भारी आक्रोश है।4. दिल दहला देने वाली वारदात: कोसरिया गांव में पत्नी की हत्या कर सेप्टिक टैंक में छिपाया शवकोसरिया में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के लिए शव को घर के ही सेप्टिक टैंक में डालकर ऊपर से सीमेंट की परत चढ़ा दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और गहन पूछताछ जारी है।5. शिक्षा में डिजिटल क्रांति: सरकारी स्कूलों में शुरू हुई ‘पढ़ाई विद AI’ कोचिंगप्रशासन ने एनटीपीसी के सहयोग से सरकारी स्कूलों के बच्चों को मुफ्त प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के लिए एआई (AI) आधारित प्रोग्राम लॉन्च किया है। यह पहल उन मेधावी छात्रों के लिए वरदान साबित होगी जो आर्थिक तंगी के कारण निजी कोचिंग सेंटरों में नहीं जा सकते।6. स्वास्थ्य विभाग फेल: क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब, मरीज लुटने को मजबूरजिला अस्पताल में सुविधाएं वेंटिलेटर पर हैं। अल्ट्रासाउंड मशीन हफ्तों से खराब पड़ी है, जिससे गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। प्रशासन इस बुनियादी व्यवस्था को सुधारने में पूरी तरह नाकाम रहा है।7. खूनी मोड़ बना एनएच: अनियंत्रित ट्रक पलटा, सुरक्षा इंतजामों की खुली पोलचंडीगढ़-मनाली हाईवे पर स्वारघाट के पास एक और ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बार-बार हो रहे हादसों के बावजूद विभाग ब्लैक स्पॉट्स को ठीक करने में नाकाम रहा है। यातायात पुलिस ने घंटों की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया, लेकिन सड़क की जर्जर हालत अब भी जानलेवा बनी हुई है।8. ऐतिहासिक नलवाड़ी मेले की गूंज: ‘वॉयस ऑफ बिलासपुर’ के लिए ऑडिशन 28 फरवरी कोगौरवशाली नलवाड़ी मेले को लेकर लुहणू मैदान में तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार मेले में स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए गायन प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसके ऑडिशन इसी माह के अंत में भाषा एवं संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में होंगे।9. बागवानी विभाग की अनदेखी: फलदार पौधों की सप्लाई में देरी, किसान हुए परेशानसमय पर फलदार पौधे न मिलने के कारण बागवानों में भारी रोष है। रोपाई का मौसम बीत रहा है, लेकिन विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण डिपो तक पौधे नहीं पहुंच पाए हैं। इससे भविष्य में फल उत्पादन पर गहरा असर पड़ सकता है।10. बिजली विभाग का हाई वोल्टेज ड्रामा: अघोषित कटों से उद्योग और जनता त्रस्तजिले के औद्योगिक क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। तकनीकी खराबी का नाम लेकर विभाग घंटों बिजली गुल रख रहा है, जिससे न केवल काम-काज प्रभावित हो रहा है, बल्कि छात्र भी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।11. नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई: गुप्त सूचना पर पुलिस ने बरामद किया अवैध नशापुलिस ने गश्त के दौरान एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है, जिससे भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए हैं। पुलिस अधीक्षक ने सख्त निर्देश दिए हैं कि नशे के सौदागरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।12. परिवहन विभाग की ढिलाई: रूटों पर बसों की कमी से कॉलेज छात्र परेशानग्रामीण रूटों पर एचआरटीसी की बसों की कमी के कारण कॉलेज आने-जाने वाले छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निजी बस ऑपरेटर भी मनमानी कर रहे हैं, लेकिन परिवहन विभाग इस मामले में मूकदर्शक बना बैठा है।13. अवैध खनन पर मौन प्रशासन: नदियों का सीना चीर रहे माफिया, विभाग बेखबरस्थानीय नदियों और खड्डों में रात के अंधेरे में अवैध खनन का काला खेल जारी है। माफिया बेखौफ होकर ट्रैक्टर और टिप्पर चला रहे हैं, जबकि संबंधित विभाग और प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।14. जनशिकायत निवारण में देरी: डीसी ऑफिस के चक्कर काट रहे ग्रामीणविकास कार्यों और अपनी जायज मांगों को लेकर ग्रामीण पिछले कई महीनों से प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। फाइलों की धीमी रफ्तार और अधिकारियों के टालमटोल वाले रवैये के कारण लोगों का सरकारी तंत्र से भरोसा उठता जा रहा है।15. खाद्यान्न आपूर्ति में अनियमितता: राशन डिपो में दालों और तेल की किल्लतडिपो में समय पर राशन न मिलने से गरीब परिवारों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें घटिया क्वालिटी का सामान दिया जा रहा है और बार-बार शिकायत के बावजूद खाद्य आपूर्ति विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
