पंजाब दस्तक: महा-कवरेज रिपोर्टर: भेषज (चंबा)बर्फबारी और बारिश की दोहरी मार: चंबा जिला के सभी ब्लॉकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त, पांगी-भरमौर का संपर्क कटा, सदर से सलूणी तक समस्याओं का अंबारपांगी और भरमौर: सफेद चादर में लिपटी घाटी, कुदरत का ‘कोल्ड टॉर्चर’ शुरूजनजातीय ब्लॉक पांगी और भरमौर में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। बीती रात से जारी भारी हिमपात के कारण पांगी घाटी में करीब डेढ़ फीट ताज़ा बर्फ जम चुकी है, जिससे समूची घाटी शेष दुनिया से पूरी तरह कट गई है। भरमौर ब्लॉक के ऐतिहासिक चौरासी मंदिर परिसर में भी बर्फ की मोटी परत जम गई है, जिससे महाशिवरात्रि की तैयारियों में बाधा आ रही है। बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से दर्जनों गांव अंधेरे में डूबे हैं और पेयजल पाइपलाइनें जमने से पानी का संकट गहरा गया है। प्रशासन ने अगले 48 घंटों के लिए हिमस्खलन की सख्त चेतावनी जारी की है।तीसा (चुराह) और सलूणी: मूसलाधार बारिश से पहाड़ दरके, मुख्य मार्ग अवरुद्धचुराह (तीसा) और सलूणी ब्लॉक में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर भारी भूस्खलन के कारण पहाड़ी का मलबा सड़क पर आ गया है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हुई है। सलूणी के किहार क्षेत्र में संपर्क सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई हैं। हालांकि, बागबानों के लिए यह बारिश संजीवनी बनकर आई है क्योंकि लंबे सूखे के बाद सेब के बगीचों को नई नमी मिली है। पुलिस ने नशा माफिया के खिलाफ सलूणी और किहार के सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी तेज कर दी है।चंबा सदर और मुख्यालय: व्यवस्थाएं वेंटिलेटर पर, शहर में पेयजल और गंदगी का संकटजिला मुख्यालय सदर के ऐतिहासिक चौगान में पसरी गंदगी ने नगर परिषद की पोल खोल कर रख दी है। वहीं, पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ रही हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है। चंबा-साहू मार्ग पर पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है, जिससे राहगीरों की जान जोखिम में बनी हुई है। शहर के सुल्तानपुर वार्ड सहित कई इलाकों में पिछले 48 घंटों से पेयजल आपूर्ति ठप होने से जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है।भटियात (चुवाड़ी): बूंद-बूंद पानी को तरसी जनता, विभाग की सुस्ती पर फूटा रोषभटियात ब्लॉक के चुवाड़ी और सिहुंता क्षेत्र में पेयजल संकट विकराल हो गया है। भारी बारिश के कारण मुख्य सप्लाई लाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। पिछले तीन दिनों से नलों में पानी न आने के कारण ग्रामीण महिलाओं ने विभाग के कार्यालय के बाहर खाली मटके फोड़ने की चेतावनी दी है। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बाद भी मरम्मत कार्य कछुआ गति से चल रहा है, जिससे कड़ाके की ठंड में लोगों की मुसीबतें दोगुनी हो गई हैं।मैहला ब्लॉक: आवारा पशुओं का आतंक, किसानों की साल भर की मेहनत बर्बादमैहला ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या अब एक गंभीर आर्थिक संकट बन गई है। किसानों की तैयार गेहूं और नकदी फसलें ये पशु रात के समय चट कर रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि मैहला क्षेत्र की गौशालाओं की क्षमता बढ़ाई जाए और इन पशुओं को वहां शरण दी जाए ताकि उनकी मेहनत पर पानी न फिरे।डलहौजी और बनीखेत: ताजा हिमपात से पर्यटन कारोबारियों के खिले चेहरेताजा बर्फबारी के बाद डलहौजी और बनीखेत के पर्यटन कारोबार में भारी उछाल देखा गया है। मैदानी इलाकों से बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फ का लुत्फ उठाने के लिए पहुँच रहे हैं, जिससे होटल कारोबारियों की उम्मीदें जाग गई हैं। प्रशासन ने सैलानियों को फिसलन भरी सड़कों पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।ताज़ा और निष्पक्ष खबरों के लिए देखते रहें ‘पंजाब दस्तक’।हमें फॉलो और सब्सक्राइब करना न भूलें:Facebook/Instagram: ताजा अपडेट्स के लिए हमें तुरंत फॉलो करें।YouTube: हर बड़ी खबर सबसे पहले देखने के लिए सब्सक्राइब करें।WhatsApp: हमारे ग्रुप से जुड़ें और पाएं पल-पल की जानकारी।”पंजाब दस्तक—आपका विश्वास, हमारी पहचान।”
