डिजिटल गवर्नेंस से लोगों तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ, डेटा ऑथेंटिकेशन से भ्रष्टाचार पर लगाम — गोकुल बुटेल

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शिमला, सुरेन्द्र राणा: CM के प्रधान आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल ने बताया कि बीते तीन वर्षों में डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से सरकारी कामकाज में तेजी आई है और पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं, जिससे आम नागरिकों को घर बैठे सेवाओं का लाभ मिल रहा है। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में डेटा आधारित फैसलों, साइबर सुरक्षा और विभिन्न सेवाओं के एकीकरण पर विशेष फोकस रहेगा, ताकि प्रदेश में प्रशासन और अधिक स्मार्ट, तेज और जवाबदेह बन सके। उन्होंने बताया कि जब ‘हम परिवार’ पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों का डेटा एकत्र किया गया, तो यह सामने आया कि 41 हजार से अधिक लोगों को उनकी मृत्यु के बाद भी पेंशन दी जा रही थी, जिससे सरकार को हर महीने लगभग 5 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था। इसी तरह ‘हिम केयर’ योजना को भी डेटा और पोर्टल से जोड़ा गया है, ताकि केवल पात्र लोगों को ही इसका लाभ मिल सके। गोकुल बुटेल ने कहा कि तकनीक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न सरकारी सेवाओं को सही लाभार्थियों तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है, जिसके लिए अलग-अलग पोर्टल और ऐप के जरिए विभागों को सशक्त किया जा रहा है।

बाइट,,,गोकुल बुटेल, CM प्रधान सलाहकार IT, हिमाचल प्रदेश सरकार।

शिमला, सुरेन्द्र राणा:हिमाचल प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस को लेकर सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं, जिससे हर स्तर पर पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। यह बात मुख्यमंत्री के प्रधान आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल ने आज शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने बताया कि तकनीक और डेटा ऑथेंटिकेशन के जरिए सरकार ने उस गड़बड़ी पर रोक लगाई, जिसमें 41 हजार से अधिक लोगों को उनकी मृत्यु के बाद भी पेंशन मिल रही थी।
गोकुल बुटेल ने कहा कि ‘हम परिवार’ पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों का डेटा एक ही मंच पर एकत्र किया जा रहा है, जिससे अब प्रदेश के हर परिवार और व्यक्ति को मिलने वाली सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी मिल रही है। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों को तेज, पारदर्शी और आसान सेवाएं मिल रही हैं और शासन- प्रशासन अधिक जवाबदेह बन रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार का डिजिटल तकनीक व गवर्नेंस विभाग लगातार नवाचार के जरिए प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत कर रहा है।

प्रधान आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल ने बताया कि बीते तीन वर्षों में डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से सरकारी कामकाज में तेजी आई है और पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं, जिससे आम नागरिकों को घर बैठे सेवाओं का लाभ मिल रहा है। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में डेटा आधारित फैसलों, साइबर सुरक्षा और विभिन्न सेवाओं के एकीकरण पर विशेष फोकस रहेगा, ताकि प्रदेश में प्रशासन और अधिक स्मार्ट, तेज और जवाबदेह बन सके। उन्होंने बताया कि जब ‘हम परिवार’ पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों का डेटा एकत्र किया गया, तो यह सामने आया कि 41 हजार से अधिक लोगों को उनकी मृत्यु के बाद भी पेंशन दी जा रही थी, जिससे सरकार को हर महीने लगभग 5 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था। इसी तरह ‘हिम केयर’ योजना को भी डेटा और पोर्टल से जोड़ा गया है, ताकि केवल पात्र लोगों को ही इसका लाभ मिल सके। गोकुल बुटेल ने कहा कि तकनीक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न सरकारी सेवाओं को सही लाभार्थियों तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है, जिसके लिए अलग-अलग पोर्टल और ऐप के जरिए विभागों को सशक्त किया जा रहा है।

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