दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अब सरकार विशेषाधिकार हनन का नोटिस नहीं देगी, जबकि एक दिन पहले ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि सरकार उनके खिलाफ ऐसा प्रस्ताव लाएगी। सरकार ने अब अपनी रणनीति बदल ली है। राहुल गांधी के खिलाफ एक विशिष्ट प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है, जिसके जरिए नेता प्रतिपक्ष की सदन की संसद सदस्यता रद्द करने और उन्हें आजीवन चुनाव लडऩे से प्रतिबंधित करने की मांग की गई है। यह प्रस्ताव भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को दिया। दुबे ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशिष्ट प्रस्ताव लाने के लिए एक नोटिस दिया है, ताकि उनकी सदस्यता रद्द हो सके और उन्हें आजीवन चुनाव लडऩे से प्रतिबंधित किया जा सके। दरअसल, राहुल गांधी ने एक दिन पहले यानी बुधवार को लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान एपस्टीन फाइल्स का जिक्र किया था और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेकर उनपर आरोप लगाए थे। इसके अलावा उन्होंने देश को बेचने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
इसके बाद ही सरकार ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने का ऐलान किया था, लेकिन सरकार ने अब अपना फैसला बदल लिया है। दूसरी तरफ, दुबे ने भी स्पष्ट किया है और कहा कि उन्होंने कोई विशेषाधिकार हनन का नोटिस नहीं दिया है। मैंने एक विशिष्ट प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस दिया है। विशिष्ट प्रस्ताव का नोटिस स्वतंत्र होता है, जिसे सदन की मंज़ूरी के लिए प्रस्तुत किया जाता है, और जिसे किसी फ़ैसले या राय को दर्शाने के लिए तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि मैं उनकी तरह नियम-कानून की हत्या करने वाला नहीं हूं। मैंने एक विशिष्ट प्रस्ताव के लिए नोटिस दिया है, जिसमें यह जिक्र किया गया है कि कैसे ये (राहुल) सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन, यूएसएड के साथ मिलकर थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम, अमरीका जाते हैं और किस तरह भारत विरोधी ताकतों के साथ मिले हुए रहते हैं। भाजपा सांसद ने राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द करने और उन्हें चुनाव लडऩे से आजीवन प्रतिबंधित करने की भी मांग की।
