पंजाब दस्तक
ब्यूरो चीफ: सुरेंद्र राणा
शिमला/मंडी: हिमाचल प्रदेश के करीब 6 लाख से अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों के लिए यह इस वक्त की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। प्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में आदेश जारी किया है कि जिन पेंशनरों ने अपनी e-KYC (ई-केवाईसी) प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें आगामी 15 फरवरी 2026 के बाद पेंशन का भुगतान नहीं किया जाएगा।
यह आदेश न केवल एक चेतावनी है, बल्कि प्रदेश की पेंशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार का अंतिम प्रहार माना जा रहा है।
”पंजाब दस्तक” की पाठकों से विशेष प्रार्थना:
’पंजाब दस्तक’ अपने सभी सुधी पाठकों से यह विशेष प्रार्थना करता है कि आपके आस-पड़ोस या गाँव में जहाँ-जहाँ भी ऐसे बुजुर्ग, विधवा महिलाएं या दिव्यांग भाई-बहन हैं जो तकनीक की जानकारी नहीं रखते या चलने-फिरने में असमर्थ हैं, कृपया उनकी सहायता करें। उनका e-KYC करवाने में मदद करें ताकि किसी भी जरूरतमंद की पेंशन केवल जानकारी के अभाव में न रुके। आपकी एक छोटी सी मदद किसी के बुढ़ापे का सहारा बचा सकती है।
खबर का विस्तार: आखिर क्यों सख्त हुई सरकार?
पिछले कुछ समय में विभाग द्वारा किए गए ऑडिट में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि प्रदेश में हजारों की संख्या में ऐसे ‘भूतिया’ पेंशनर मौजूद हैं जो या तो मर चुके हैं या फिर पूरी तरह से अपात्र हैं, लेकिन उनके बैंक खातों में सरकारी खजाने से लगातार पैसा जा रहा है। इसी धांधली और करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता को रोकने के लिए सरकार ने आधार आधारित e-KYC को अनिवार्य किया है।
सत्यापन की प्रक्रिया और चुनौतियां:
कहाँ कराएं सत्यापन: लाभार्थी अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, तहसील कल्याण अधिकारी (TWO) या बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) के कार्यालय में जाकर बायोमेट्रिक या आधार ओटीपी के जरिए सत्यापन करवा सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज: सत्यापन के समय आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर (जो आधार से लिंक हो) साथ रखना अनिवार्य है।
इन श्रेणियों पर पड़ेगा सीधा असर:
यह आदेश प्रदेश के उन सभी लाभार्थियों पर लागू होगा जो वृद्धावस्था सम्मान पेंशन, विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन, दिव्यांग राहत भत्ता और कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता प्राप्त कर रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 फरवरी के बाद उन सभी खातों को ‘फ्रीज’ कर दिया जाएगा जिनका सत्यापन नहीं हुआ है।
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