शिमला, ब्यूरो चीफ (सुरेंद्र राणा): राजधानी शिमला में नशे के खिलाफ छिड़ी जंग में पुलिस कप्तान संजीव कुमार गांधी (IPS) के कुशल और निर्भीक नेतृत्व ने एक बार फिर मिसाल कायम की है। संजीव कुमार गांधी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून की नजर में कोई भी विशेष नहीं है। शिमला पुलिस ने नशे के काले कारोबार पर बड़ी चोट करते हुए शोघी बैरियर के पास चिट्टे के साथ तीन युवकों को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है, जिसमें खाकी को दागदार करने वाला एक कांस्टेबल भी शामिल है।एसपी संजीव कुमार गांधी का कड़ा रुख: ‘नशा मुक्त शिमला’ का संकल्पशिमला के पुलिस कप्तान संजीव कुमार गांधी के सख्त आदेशों का ही परिणाम है कि आज जिला पुलिस पूरी पारदर्शिता के साथ विभाग के भीतर छिपी ‘काली भेड़ों’ पर भी प्रहार कर रही है। गांधी की बेहतरीन कार्यप्रणाली और उनके द्वारा विकसित किए गए मजबूत सूचना तंत्र के कारण नशे के बड़े तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। वर्दी की आड़ में अपराध करने वालों को रंगे हाथों पकड़कर उन्होंने समाज में एक कड़ा संदेश दिया है कि वर्दी की मर्यादा सर्वोपरि है। उनकी इस सक्रियता और निष्पक्ष कार्यशैली की जनता में जमकर सराहना हो रही है।कार्रवाई का विवरणएसपी संजीव कुमार गांधी के निर्देशों पर गठित SIU टीम ने शोघी बैरियर पर विशेष नाकेबंदी की थी। सोलन की ओर से आ रही एक संदिग्ध बिना नंबर की गाड़ी को जब टीम ने रोका, तो तलाशी के दौरान उसमें से 9.480 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:पुलिस ने इस मामले में राहुल कुमार (पुलिस कांस्टेबल, निवासी जुन्गा), नरेश कुमार (निवासी सिरमौर) और गौरव भारद्वाज (निवासी मंडी) को गिरफ्तार किया है।कड़ी कानूनी कार्रवाईबालूगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसपी संजीव कुमार गांधी ने स्पष्ट किया है कि नशे के इस नेटवर्क की जड़ों तक जाकर हर संलिप्त व्यक्ति को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।लेटेस्ट खबरों के लिए सब्सक्राइब और फॉलो करें: Punjab दस्तक
