शिमला: कल होने वाले लोहड़ी पर्व से पहले राजधानी शिमला के बाजारों में मची अफरा-तफरी और महंगाई ने प्रशासन के दावों की पोल खोल कर रख दी है। वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र राणा की इस विशेष रिपोर्ट में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष ने कुछ ऐसे रोचक और तीखे तथ्य रखे हैं, जो सीधे तौर पर प्रशासनिक नाकामी की ओर इशारा करते हैं:कृत्रिम महंगाई का खेलजिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि गोदामों में स्टॉक होने के बावजूद बाजार में ‘माल की कमी’ का झूठा डर पैदा कर मूंगफली और गज्जक के दाम 40 से 50 फीसदी तक बढ़ा दिए गए हैं।
जिलाध्यक्ष ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि प्रशासन केवल ऑफिसों में बैठकर कागजी घोड़े दौड़ा रहा है। धरातल पर न तो कोई फ्लाइंग स्क्वाड है और न ही रेट लिस्ट चेक करने वाला कोई अधिकारी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह ‘खुली लूट’ न रुकी, तो व्यापार मंडल सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।
पंजाब दस्तक की 10 बड़ी ब्रेकिंग खबरें (जिला शिमला)रेट लिस्ट गायब, दुकानदार मस्त, जनता पस्त
शिमला के लोअर बाजार, गंज और सब्जी मंडी में कहीं भी आधिकारिक रेट लिस्ट चस्पा नहीं है। दुकानदार ग्राहकों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं, लेकिन खाद्य एवं आपूर्ति विभाग गहरी नींद में सोया है।
शिमला आने वाले सैलानियों से टैक्सी और पार्किंग के नाम पर तय रेट से दोगुना-तिगुना किराया वसूला जा रहा है। प्रशासन का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे प्रदेश के पर्यटन की छवि खराब हो रही है।
संडे और विंटर सीजन के चलते ट्रैफिक का बुरा हाल है। छराबड़ा और कुफरी के पास घंटों जाम लगा है, लेकिन मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात न होने से पर्यटक और स्थानीय लोग बेहाल हैं।
संजौली–आईजीएमसी मार्ग पर अवैध पार्किंग का कब्जा इस वीवीआईपी और एम्बुलेंस मार्ग पर बेतरतीब खड़ी गाड़ियों के कारण आपातकालीन सेवाएं बाधित हो रही हैं। पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
बिजली बोर्ड की लापरवाही, अघोषित कटों की मार
लोहड़ी की तैयारियों के बीच आज संडे को शहर के उपनगरों में बार-बार बिजली गुल हो रही है। बिना किसी पूर्व सूचना के लग रहे कटों से कड़ाके की ठंड में बुजुर्ग और बच्चे ठिठुर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी, मिलावटी सामान की बिक्री: बाजारों में बाहरी राज्यों से आई घटिया क्वालिटी की गज्जक और मिठाइयां खुलेआम बेची जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक सैंपलिंग की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की है, जो जनता की सेहत से खिलवाड़ है।
स्मार्ट सिटी के अधूरे कामों से बढ़ी मुसीबत: शहर में जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्यों और मलबे के कारण रविवार की भीड़ के बीच पैदल चलना भी दूभर हो गया है। प्रशासन ने त्यौहारों के मद्देनजर सुरक्षा और सुगमता का कोई प्रबंध नहीं किया।
कूड़े के ढेरों से बदसूरत हुआ रिज मैदानपर्यटकों की भारी भीड़ के अनुपात में सफाई व्यवस्था को अपडेट नहीं किया गया। डस्टबिन ओवरफ्लो हो रहे हैं और चारों ओर गंदगी का आलम है, जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
पानी की भारी किल्लत: त्यौहार के समय शहर के कई वार्डों में तीसरे दिन भी पानी की सप्लाई नहीं हुई है। जल प्रबंधन निगम की सुस्ती से लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
मौसम का बदला मिजाज, प्रशासन की शून्य तैयारी: बर्फबारी की संभावना के बीच सड़कों पर पाला (Black Ice) जमने का खतरा बढ़ गया है। पीडब्ल्यूडी और प्रशासन ने सड़कों पर रेत या मिट्टी डालने जैसी कोई भी तैयारी अब तक शुरू नहीं की है।
