शिमला, सुरेन्द्र राणा; शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर एमएसएमई फेस्ट का भव्य शुभारंभ हो गया है, जो 5 जनवरी तक चलेगा। इस फेस्ट के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों, स्टार्टअप्स, स्वयं सहायता समूहों और कारीगरों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। हस्तशिल्प, हथकरघा और अन्य स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी से रोजगार सृजन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। एमएसएमई फेस्ट में 4 हजार 23 हस्तनिर्मित हिमाचली शॉल्स प्रदर्शित की गई हैं, जिससे एक नया रिकॉर्ड बना है और इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि हिमाचल की समृद्ध परंपरा और कारीगरों की मेहनत का प्रतीक है।
फेस्ट का शुभारंभ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय एमएसएमई फेस्ट प्रदेश के कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए एक बड़ा मंच है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की शॉल, टोपी और हस्तशिल्प विश्वभर में अपनी पहचान बना रहे हैं और आज गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज होना प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और सब्सिडी का अधिकतम लाभ उठाकर छोटे उद्योगों, स्टार्टअप्स और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित कर रही है। सरकार की मंशा है कि हिमाचल के स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच को और बेहतर बनाया जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
वही इस दौरान मुख्यमंत्री ने धर्मशाला लड़की की मौत मामले में कहा की प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है। लड़की के वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर अगर सत्य हुआ तो आगामी कार्यवाही की जाएगी इसके लिए कमेटी गठित की गई है।
वही नालागढ़ विस्फोट मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआईए जांच कर रही है। एफएसएल भी जांच में जुटी है। वहां पहले कबाड़ होता था इसे भी देखा। जा रहा है वही बब्बर खालसा द्वारा इस विस्फोट की जिम्मेदारी लेने को लेकर हिमाचल प्रदेश पंजाब पुलिस के साथ मिलकर जांच कर रही है।
