शिमला, सुरेन्द्र राणा: नववर्ष के पहले दिन एक जनवरी को मां के मंदिरों में मईया के दर्शनों को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मां के भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाकर नव वर्ष की शुरुआत की। नव वर्ष मेले पर पहली जनवरी को प्रदेश के पांचों शक्तिपीठों में श्री बज्रेश्वरी देवी, श्री ज्वालामुखी, श्रीनयनादेवी, श्री चामुंडा देवी तथा श्री छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी में दो लाख 35 हजार श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में माथा टेका। मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए थे। प्रदेश के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मी भी तैनात किए गए थे। चिंतपूर्णी मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि नए साल के मेले में चिंतपूर्णी मंदिर में डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में माथा टेका। उन्होंने बताया कि मां के दर्शनों के लिए चिंतपूर्णी मंदिर 24 घंटे खुला रखा गया है। श्रीनयनादेवी मंदिर न्यास के अध्यक्ष धर्मपाल चौधरी ने बताया कि नववर्ष पर 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाया। ज्वालामुखी में नववर्ष पर 25 हजार श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में माथा टेका।ज्वाला जी मंदिर अधिकारी मनोहर लाल ने बताया कि जब तक ज्वाला जी मंदिर में जब तक श्रद्धालु आते रहेंगे, तब तक मंदिर खुला रहेगा। ब्रजेश्वरी देवी मंदिर में नववर्ष पर दस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका। मंदिर अधिकरी शिवाली ठाकुर ने बताया कि मंदिर में नव वर्ष पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की विशेष व्यवस्था की गई हैं। चामुंडा मंदिर में 20 हजार श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाया। मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि नव वर्ष के के लिए मंदिर न्यास की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है।
