HRTC की BOD बैठक, 500 पुरानी बसों को एचआरटीसी फ्लीट से बाहर करने का निर्णय

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शिमला, सुरेंद्र राणा; शिमला उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लिए गए अहम फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निगम ने अगले दो महीनों के भीतर 500 पुरानी बसों को एचआरटीसी फ्लीट से बाहर करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित भुगतान के लिए राशि जारी करने का फैसला भी लिया गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम के 9 हजार 99 कर्मचारियों को ओपीएस के दायरे में लाया गया है।उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि एचआरटीसी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक दो दिनों तक चली, जिसमें 100 से अधिक एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू कर दी गई है, जिसके तहत निगम के 9 हजार 99 कर्मचारियों को ओपीएस का लाभ मिला है, जबकि निगम में कुल 10 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।उन्होंने जानकारी दी कि 170 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों और 74 वर्ष से अधिक आयु के 696 पेंशनरों को वर्ष 2016 से लंबित बैकलॉग का भुगतान किया गया है, जिसके लिए 23 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा 222 पेंशनरों की पेंशन लंबित थी, जिन्हें अब पेंशन और कम्यूटेशन की राशि प्रदान कर दी गई है। शिमला में ही 29 करोड़ रुपये सीधे पेंशनरों के खातों में डाले गए हैं।अप्रैल 2020 से लंबित डीजीआर के तहत 34 करोड़ रुपये की लीव एनकैशमेंट राशि जारी की गई है। 45 प्रतिशत महंगाई भत्ते के निर्णय को लागू कर दिया गया है और बैक डेट रेगुलर एरियर के रूप में साढ़े 15 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 सितंबर 2025 तक के 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते का भुगतान 31 जनवरी तक किया जाएगा, जिसके लिए 5 करोड़ 7 लाख रुपये का डीए एरियर पहले ही जारी कर दिया गया है।

नाइट आउट अलाउंस के लिए 30 किलोमीटर की दूरी की सीमा को समाप्त कर दिया गया है। 78 पीसमील कर्मचारियों को ओटीएस के तहत कॉन्ट्रैक्ट पर लेने का निर्णय लिया गया है। कर्मचारियों का इस माह का वेतन जारी कर दिया गया है, जबकि कुछ पेंशन भुगतान अभी शेष हैं।उन्होंने बताया कि एचआरटीसी को राज्य सरकार की ग्रांट पर निर्भर रहना पड़ता है। अब तक 21 हजार लोग हिम बस कार्ड बनवा चुके हैं। यूको बैंक, एक्सिस बैंक और पीएनबी के साथ करार किया गया है, जिससे कर्मचारियों को बैंकों की विभिन्न वित्तीय सुविधाओं का लाभ मिलेगा। लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से बस टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी और घर बैठे हिम बस कार्ड भी बनाया जा सकेगा।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 9 लाख किलोमीटर या 15 साल की अवधि पूरी होने पर बसों को हटाने का नियम था, जिसमें बदलाव किया गया है। अब 2.5 पीकेएम से कम माइलेज देने वाली बसों को फ्लीट से बाहर किया जाएगा।

9 साल के बाद बसों को उनकी उम्र और सर्विस खर्च के आधार पर फ्लीट में रखा जाएगा। 13 साल में एक लाख और 14 साल में ढाई लाख रुपये से अधिक सर्विस खर्च मांगने वाली बसों को हटाया जाएगा। इसी के तहत दो महीनों में 500 पुरानी बसें हटाने का निर्णय लिया गया है।उन्होंने बताया कि 297 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की जा रही है और 250 डीजल बसों के लिए टेंडर जारी करने के आदेश दिए गए हैं। 100 मिनी बसों के लिए तीसरा फाइनल टेंडर और 100 टेंपो ट्रैवलर के लिए भी टेंडर किए जाएंगे। बस अड्डों की छतों पर टेलीकॉम टावर लगाने के लिए स्थान देने और बड़े ब्रांड्स को हिमाचल के बस अड्डों में जगह देने का भी निर्णय लिया गया है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी हर वर्ष एप्रिसिएशन अवॉर्ड देगी। दुर्घटना मुक्त सेवा और ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न कंपनियों को भी शामिल किया जाएगा। दैनिक भत्ता 410 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये कर दिया गया है। जेएओ आईटी के 171 पद नियमित रूप से भरने और 78 पीसमील श्रमिकों को कॉन्ट्रैक्ट पर लाने का फैसला लिया गया है।उन्होंने बताया कि लोकल रूटों पर लंबी बसें सफल नहीं रहीं। 7 से 8 सौ बसें लाई गई थीं, लेकिन संचालन में समस्याएं आईं। अब तक 280 बसों की खरीद हो चुकी है और 94 वॉल्वो बसों का फ्लीट तैयार है। निजी वॉल्वो बसों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि निजी बस ऑपरेटर केंद्र सरकार को 3 लाख रुपये देकर पूरे देश में बस संचालन के लिए स्वतंत्र हैं, जबकि एचआरटीसी को 25 लाख रुपये तक टैक्स देना पड़ता है।उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एचआरटीसी में रियायत का लाभ लेने के लिए सभी 28 रियायती श्रेणियों के यात्रियों को हिम बस कार्ड बनवाना अनिवार्य होगा। निगम में युक्तिकरण की प्रक्रिया जारी है, आवश्यकतानुसार पद भरे जा रहे हैं और कुछ पद समाप्त किए गए हैं। एचआरटीसी में रेगुलर भर्ती मॉडल अपनाया जा रहा है और पहली बार एचपीपीएससी के माध्यम से कंडक्टरों की भर्ती की गई है।पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सत्ता से हटाया गया है, इस पर वे किसी भी प्रकार की लोकोक्ति का प्रयोग करें, लेकिन सरकार अपने फैसलों पर मजबूती से आगे बढ़ रही है।

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