शिमला, सुरेन्द्र राणा: राष्ट्रीय पेंशनर्स दिवस के अवसर पर आज पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, जिला शिमला इकाई द्वारा कालीबाड़ी हॉल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शिमला शहरी के विधायक हरीश जनारथा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
वहीं पेंशनर्स के दूसरे धड़े ने बिलासपुर में अलग कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शामिल हुए।
पेंशनर संघर्ष समिति के अतिरिक्त महासचिव भूप राम ने सरकार और पेंशनर्स के दूसरे धड़े पर निशाना साधते हुए कहा कि पेंशनर्स की कई देनदारियां अभी भी लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिलासपुर में कार्यक्रम आयोजित करने वाले लोग पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन से निष्कासित, कांग्रेस से जुड़े मुट्ठी भर लोग हैं और मुख्यमंत्री उनके बहकावे में न आएं।
भूप राम वर्मा ने कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान धर्मशाला में मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद भी सरकार ने पेंशनर्स को वार्ता के लिए नहीं बुलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वयंभू नेता सरकार के साथ मिलकर पेंशनर्स के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं।उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर जश्न मनाने और राजनीतिक नियुक्तियों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
भूप राम वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि उनकी सहमति के बिना जेसीसी का गठन किया गया तो उसका बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही मांगें न माने जाने पर प्रदेशभर में आंदोलन छेड़ने की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर वार्ता के लिए नहीं बुलाया जाता है तो आपातकालीन बैठक बुलाई जाएगी जिसमें आंदोलन की तिथि तय होगी।
