दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि वंदे मातरम् से राष्ट्रभक्तों के लिए एनर्जी मिलती है, जबकि राष्ट्रविरोधियों के लिए यह एलर्जी है और वंदे मातरम् सिर्फ गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम की रीत है और कांग्रेस इसी से भयभीत है। श्री ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम कोई धार्मिक गीत नहीं, किसी व्यक्ति या दल या राज्य का गीत नहीं, वंदे मातरम् राष्ट्र की आत्मा का गीत है, भारत के गौरव का गीत है, हर भारतीय के आशाओं-आकांक्षाओं का सुरमयी गीत है। वंदे मातरम् से जो हिस्से कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू के कहने पर हटाए, उन हिस्सों के बड़े किस्से हैं। उन हिस्सों में मां दुर्गा की स्तुति थी, शक्ति की आराधना थी, उन हिस्सों को हटाना भारत की आत्मा को चीरना था। कांग्रेस एंड कंपनी ने वंदे मातरम् के विरुद्ध एक महापाप किया है।
आज जबकि उस महामंत्र के रचना का एक सौ पचासवां साल मनाया जा रहा है, कांग्रेस चाहे, तो उस महापाप का प्रायश्चित कर सकती है, लेकिन रेडिकल कम्युनिज्म और लीगी मानसिकता से घिरे कांग्रेस नेतृत्व से इस तरह के सद्बुद्धि की उम्मीद करना बेकार है। श्री ठाकुर ने कहा कि जिन्ना और लीगी मानसिकता को खुश करने के लिए नेहरू जी ने वंदे मातरम को काट-छांट कर छोटा कर दिया। 1947 में उसी जिन्ना को खुश करने के लिए इन्होंने भारत के दो टुकड़े भी कर दिए। आजादी के 78 साल बाद भी कांग्रेस पार्टी जिन्ना के मुन्ना को खुश रखने के लिए वंदे मातरम् पर गंदी राजनीति कर रही है।
