मोहाली, सुरेन्द्र राणा: प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय, सुख शांति भवन मोहाली द्वारा “स्व-सशक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण” अभियान के तहत आज मोहाली के विभिन्न सुरक्षा संस्थानों––विजिलेंस विभाग पंजाब, एयरपोर्ट के CISF यूनिट, SCL के CISF यूनिट तथा लखनौर स्थित सीमा सुरक्षा बल परिसर––में विशेष प्रशिक्षण एवं आध्यात्मिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
चंडीगढ़ से चल रहे दो विशेष अभियान दलों ने मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल वेल-बीइंग, तनाव प्रबंधन, राजयोग ध्यान एवं आंतरिक शक्ति-विकास जैसे विषयों पर अधिकारी, जवानों और कर्मचारियों को मार्गदर्शन दिया।
विजिलेंस विभाग, पंजाब में मानसिक स्वास्थ्य व डिजिटल वेल-बीइंग पर सत्र
विजिलेंस भवन में आयोजित कार्यक्रम में कैप्टन शिव सिंह ने “मेंटल पावर एंड वेल-बीइंग” पर विचार रखते हुए कहा कि बढ़ते दबावों से निपटने का समाधान केवल आंतरिक शक्ति को बढ़ाना है। राजयोग ध्यान मानसिक शक्ति बढ़ाने की सबसे प्रभावी तकनीक है।
इसके बाद माउंट आबू से आए बी.के. शैलेन्द्र ने डिजिटल वेल-बीइंग पर संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों का संतुलित उपयोग जीवन में शांति और फोकस के लिए आवश्यक है।
सत्र का समापन बी.के. सुमन बहन द्वारा कराए गए राजयोग ध्यान से हुआ, जिसे सभी प्रतिभागियों ने अत्यंत लाभकारी बताया।
एयरपोर्ट CISF यूनिट में डिजिटल डिटॉक्स प्रशिक्षण एयरपोर्ट के CISF यूनिट में बी.के. मीनाक्षी बहन ने डिजिटल डिटॉक्स एवं मानसिक सजगता पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कर्मियों के लिए भावनात्मक संतुलन और शांत मन से निर्णय लेने की क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यूनिट के सहायक कमांडेंट किरन कुमार ने बहनों का स्वागत किया और जवानों के तनाव-मुक्ति के लिए ब्रह्माकुमारीज़ के प्रयासों की प्रशंसा की।
SCL CISF यूनिट में स्व-सशक्तिकरण विषय पर सत्र SCL के CISF यूनिट में बी.के. जयश्री बहन ने कहा कि विचारों को सकारात्मक बनाने में राजयोग ध्यान अत्यंत सहायक सिद्ध होता है।
इसके बाद बी.के. भारती बहन ने प्रतिभागियों को आत्मबल एवं सकारात्मकता विकसित करने हेतु राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया।
लखनौर BSF परिसर में प्रेरणादायक व्याख्यान लखनौर स्थित BSF परिसर में मुंबई से आए प्रेरक वक्ता प्रो. ई.वी. गिरीश ने कहा कि आज मनुष्य शारीरिक रूप से मेहनत तो कर रहा है, लेकिन नकारात्मक विचारों और आत्म-संदेह से कमजोर हो रहा है। मन और शरीर का संतुलन ही वास्तविक उन्नति का सूत्र है।
उन्होंने कहा कि राजयोग मनुष्य को भीतर से सशक्त करता है और कठिन परिस्थितियों में भी सफलता दिलाता है।
डिप्टी कमांडेंट प्रमोद गंगवार ने ब्रह्माकुमारी बहनों की निष्काम सेवा की सराहना की।
अंत में बी.के. सुमन बहन ने राजयोग का विस्तृत ज्ञान दिया और गहन ध्यान अनुभव कराया।
