डाक्टरों की लापरवाही से गई आंख की रोशनी, उपभोक्ता आयोग ने चिकित्सकों को लगाया 3.65 लाख रुपए हर्जाना

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हमीरपुर, सुरेन्द्र राणा: आंख के आपरेशन में डाक्टरों की लापरवाही पाए जाने पर उपभोक्ता फोरम ने जिला कांगड़ा के आई हॉस्पिटल के दो नेत्र रोग विशेषज्ञों को तीन लाख 65 हजार का हर्जाना लगाया है। इसमें पीडि़त को तीन लाख 50 हजार रुपए मुआवजा, जबकि 15 हजार रुपए लिटिगेशन कॉस्ट के रूप में देना होगा। यह फैसला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग के प्रेजिडेंट हेमांशु मिश्रा, मेंबर स्नेह लता और जोगिंद्र महाजन की कोर्ट ने सुनाया है। पीडि़त पक्ष की ओर से मामले की पैरवी एडवोकेट केसी भाटिया ने की। बाबू राम निवासी गांव लोंगनी तहसील सुजानपुर ने जिला कांगड़ा स्थित एक आई हॉस्पिटल में मार्च 2021 में अपनी दाहिनी आंख का मोतियाबिंद का आपरेशन करवाया था। कुछ दिन बाद जब आंख की पट्टी खोली गई तो उन्हें कुछ नहीं दिखाई दे रहा था। वह दोबारा डाक्टरों के पास गया तो उन्होंने दोबारा ट्रीटमेंट किया, लेकिन फिर भी आंख की रोशनी नहीं आई।

आखिर में डाक्टरों ने बाबू राम को उनके पठानकोट स्थित हॉस्पिटल जाने की सलाह दी, जहां दोबारा आपरेशन किया गया लेकिन आंख की रोशनी नहीं आ सकी जबकि डेढ़ लाख का खर्च बाबू राम का हो चुका था। बाबू राम ने जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग में शिकायत की और 20 लाख का दावा डाक्टरों के खिलाफ किया। लगभग पौने दो साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर फोरम ने पाया कि कांगड़ा अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही से बाबू राम की आंख की रोशनी खराब हुई। इस मामले में फाइनल हेयरिंग 17 अक्तूबर 2025 को हुई जबकि जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने 13 नवंबर को अपना फैसला सुनाया।

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