शिमला, सुरेन्द्र राणा:हिमाचल के स्टेट इलेक्शन कमीशन ने राज्य सरकार को झटका देते हुए पंचायतों के पुनर्गठन (री-ऑर्गेनाइज) पर रोक लगा दी है। कमीशन ने आज (सोमवार को) एक ऑर्डर जारी कर मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के एक क्लॉज को लागू कर दिया है। इस क्लॉज का विकास कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मगर इसके लागू होने के बाद सरकार अब पंचायतों के वार्डों की बाउंड्री चेंज नहीं कर पाएगी।वहीं, सुक्खू सरकार ने पिछली कैबिनेट मीटिंग में पंचायतों के पुनर्गठन का फैसला लिया था। इसके बाद, पंचायतीराज विभाग ने सभी जिलों के डीसी से पंचायतों के पुनर्गठन के लिए 15 दिन के भीतर प्रस्ताव मांग लिए थे। इससे पंचायत चुनाव पर संशय बन गया था, क्योंकि पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन में दो से ढाई महीने का वक्त लग जाता है।इलेक्शन कमीशन ने आज स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव तय समय पर होंगे। कमीशन ने अपने आदेशों में कहा- 3577 पंचायतों,पंचायतों, 92 पंचायत समितियों (बीडीसी) में से 90 बीडीसी, 12 में से 11 जिला परिषद और 73 में से 70 नगर निकाय का डिलिमिटेशन पहले ही कर दिया गया है। कोर्ट के आदेशानुसार, डिलिमिटेशन बार-बार नहीं किया जा सकता और तय समय से छह महीने पहले चुनाव का प्रोसेस शुरू करना होता है।
