हमीरपुर, ब्यूरो: म्यांमार के साइबर फ्रॉड हब से 500 से अधिक जिन भारतीयों के भागकर थाइलैंड पहुंचने की बात कही जा रही थी उनमें से दो युवक हिमाचल प्रदेश के बताए जा रहे हैं। इन दो युवकों में से एक जिला हमीरपुर का रहने वाला है, जो कि अगस्त माह में किसी कंपनी के माध्यम से वहां गया था। हालांकि भारत सरकार फंसे सभी भारतीयों की वतन वापसी के लिए प्रयासरत है, लेकिन लगभग दस दिनों से परिजनों का संपर्क अपने बच्चों से पूरी तरह टूट गया है। हमीरपुर जिला के चंबोह (अवाहदेवी) का एक 23 वर्षीय युवक शिवम कुमार अन्य भारतीयों के साथ म्यांमार में फंस गया है। परिवार के रिश्तेदार शुक्रवार हमीरपुर के सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से मिले और मदद की गुहार लगाई। अनुराग ठाकुर के अनुसार भारत सरकार इस दिशा में प्रयासरत है और सभी युवाओं को सकुशल उनके घरों में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।शिवम की मासी और नानी के अनुसार शिवम पहले करनाल में नौकरी करता था। फिर उसने घरवालों को बताया कि चंडीगढ़ की कोई कंपनी है, जो युवाओं को थाइलैंड में नौकरी के लिए ऑफर कर रही है। 70 हजार रुपए वेतन बताया गया। कंपनी वालों ने उनसे एक लाख रुपया लिया था। शिवम ने वहां साक्षात्कार दिया और सिलेक्ट हो गया। 15 अगस्त को वह यहां से चला गया था। जब से वो गया था लगातार घरवालों से बात होती थी, लेकिन पिछले दस दिनों से उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। जब हम कंपनी वालों से बात कर रहे हैं, तो वो सही ढंग से बात नहीं कर रहे।
