हिमाचल प्रदेश, सुरेन्द्र राणा: पूर्व केंद्रीय मंत्री और हिमाचल की हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से पाँचवीं बार के सांसद अनुराग ठाकुर ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दृष्टिगत मधुबन में विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव भारत के एकमात्र नेता हैं जिनके कोर्ट नोटिस पर लिखा होता है “सपरिवार हाजिर होना है।” जिस पार्टी और परिवार का मुखिया भ्रष्टाचार के पाँच-पाँच संगीन मामलों में सजायाफ्ता हो, वो परिवार भला बिहार का क्या भला करेगा। इसलिए बिहार के विकास की रफ़्तार को बनाए रखने के लिए जनता फिर एनडीए की सरकार चुनने जा रही है।
अनुराग ठाकुर ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने हर क्षेत्र में रफ़्तार पकड़ी है और बिहार में सुशासन की सरकार चल रही है। विपक्ष, खासकर राजद और कांग्रेस, फिर से बिहार में जंगलराज कायम कर इसे गर्त में धकेलना चाहते हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने अपहरण उद्योग, अवैध हथियार फैक्ट्रियाँ और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की संस्कृति को बढ़ावा दिया था। 20 साल सरकार से बाहर रहने के बावजूद इनकी मानसिकता नहीं बदली। यही वजह है कि बिहार और देश के लिए टेरर बन चुके शहाबुद्दीन जैसे लोगों को राष्ट्रीय जनता दल ने अपना नेता बना रखा था। अब शहाबुद्दीन तो नहीं रहा, लेकिन उसका बेटा ओसामा भी उसी रास्ते पर चल रहा है, और लालू प्रसाद यादव व तेजस्वी यादव ने उसे रघुनाथपुर से उम्मीदवार बनाया है। इससे साफ है कि राष्ट्रीय जनता दल की सोच आज भी बिहार में जंगलराज कायम करने की ही है।”
अनुराग ठाकुर ने आगे कहा, “जो लोग अपने विधानसभा क्षेत्र को पटना से जोड़ने के लिए एक पुल तक नहीं बनवा सके, वे भी बिहार के विकास का दावा करते हैं। पटना के ठीक बगल में राघोपुर विधानसभा सीट है, जिस पर पिछले तीन दशकों से लालू-राबड़ी परिवार का कब्जा रहा है। राघोपुर की स्थिति यह थी कि यह पूरे साल गंगा नदी से घिरा रहता था और सड़क मार्ग न होने के कारण लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ता था। इन्होंने अपने लिए बड़ी-बड़ी प्रॉपर्टी खड़ी की, मगर राघोपुर के लिए कभी पुल नहीं बनने दिया क्योंकि ये नहीं चाहते थे कि राघोपुर या बिहार का विकास हो। आज बिहार पावर जेनरेशन के युग में काफी आगे बढ़ चुका है, उसे अब उस टूटे-फूटे, जंग लगे लालटेन की ज़रूरत नहीं है। जब मोदी का मन और नीतीश की नीति एक साथ हो, तो बिहार को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।”
