ऊना:बंगाणा उपमंडल के तहत ग्राम पंचायत थहड़ा के गांव घ्योड़ में लगातार खिसक रही जमीन के चलते तीन भाइयों के आशियाने उजड़ गए। मंगलवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने सभी को उस समय झकझोर कर रख दिया, जब जमीन खिसकी तो तीन मकान 70 मीटर दूर पहुंच गए। हादसे में तीनों मकान जमींदोज हो गए है। अपना सब कुछ खो चुके तीनों परिवार भृर्तहरि मंदिर में शरण लिए हुए हैं। घ्योड़ गांव में प्रशासन द्वारा गत सोमवार को ही तीन सगे भाइयों पिंकी देवी पत्नि गुरबख्श सिंह, तरसेम राम पुत्र संत राम व जगदीश राम पुत्र संत राम के घरों को खतरा देखते हुए यहां से भृर्तहरि मंदिर में शिफ्ट कर दिया था। तीनों भाइयों का घरेलू सामान एक भाई के सुरक्षित कमरे में रखा गया था। मंगलवार सुबह तीनों परिवारों पर ऐसी आफ्त आई की तीनों मकान एक साथ खिसक कई मीटर दूर जा पहुंचे और मकान क्षतिग्रस्त हो गए। उक्त तीनों मकानों के साथ-साथ सोनी, रामपपाल सहित अन्य मकान भी खतरे की जद में आ चुके हैं।
घरवासड़ा में जमीन धंसी, मकानों में दरारें
यहीं नहीं, सोलहसिंगीधार की पहाड़ी पर बसे घ्योड़ व घरवासड़ा गांव में कृषि योग्य कई कनाल भूमि दरक गई हैं। तीन मकान तो ध्वस्त हो गए है अब दर्जनों अन्य घरों पर भी खतरा मंडराया हुआ है। अन्य घरों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं, जो कि कभी भी जमींदोज हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन ने इन लोगों को शरण देने के लिए वन विभाग के रेस्ट हाउस व हाई स्कूल में प्रबंध किए हुए हैं।
प्रशासन ने लिया जायजा
एसडीएम बंगाणा, तहसीलदार व पटवारी ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया गया है। राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रशासन ने गांव के अन्य घरों को भी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की तैयारी शुरू कर दी है।
सरकार से मदद की फरियाद
मोमन्यार वार्ड से जिला परिषद सदस्य कृष्णपाल शर्मा ने कहा कि घ्योड़ में जमीन खिसकने से पिंकी देवी, तरसेम व जगदीश के मकान क्षतिग्रस्त हुए है। पीडि़तों के पास कुछ भी नहीं बचा है। प्रशासन व सरकार पीडि़तों को हर संभव मदद मुहैया करवाएं।
