शिमला, सुरेन्द्र राणा: विधानसभा मानसून सत्र के आठवें दिन प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने एपीएमसी द्वारा आवंटित की गई दुकानों को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष की ओर से रणधीर शर्मा सुधीर शर्मा और बलबीर वर्मा द्वारा इन दुकानों के आवंटन को लेकर सवाल पूछे और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। साथ ही जांच करने की मांग उठाई लेकिन मंत्री द्वारा इसको लेकर स्पष्ट रूप से जवाब नहीं दिया गया तो विपक्ष में सदन में नारेबाजी शुरू कर दी और नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर आ गए।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रश्न कल के दौरान एपीएमसी की दुकानों के आवंटन को लेकर विपक्ष के विधायकों द्वारा सवाल पूछे गए लेकिन मंत्री बार-बार एक ही बात कह रहे थे कि लिखित में विधायक दिन उसके बाद ही इसका जवाब दिया जाएगा जबकि विधायक सदन के अंदर ऑन रिकॉर्ड सवाल पूछ रहे थे। उन्होंने कहा कि इन दुकानों के आवंटन को लेकर भ्रष्टाचार हुआ है और गलत तरीके से दुकानों का आवंटन किया गया है और लूटने की पूरी छूट देख रखी है। जब इस पर सवाल खड़े किए गए तो प्रश्न पर पर्दा डाला जा रहा है। यह सरकार किसान बागवान को भी नहीं छोड़ रही है।
वही विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि विधानसभा में एपीएमसी शिमला किन्नौर की दुकानों की आवंटन को लेकर किया सवाल किया गया था सरकार ने यह माना 70 दुकान एपीएमसी द्वारा आवंटन किया गया। जिसमे जजंच करवाई गई लेकिन कोई अनियमितता नही पाई गई। शिलारू में आवंटित की उसमें अभिनेताएं हुई। जबकि 70 दुकानों के आवंटन के लिए जो आवेदन मांगे गए तो 133 आवेदन आए। 133 में 63 लोगों की आवेदन रद्द कर दिए गए और 70 दुकान की 70 लोगों के आवेदन को सही पाया गया । जिसमे पारला ,शिलारू, टूटू में सब्जी मंडी की दुकानों को कौड़ियों के भाव किराए पर दे दिया गया । इसको लेकर सदन में तथ्यों के साथ दस्तावेज पेश किए गए और इन दुकानों के आवंटन को रद्द करने की मांग की गई लेकिन सरकार द्वारा दुकानों के आवंटन को रद्द नहीं किया जा रहा है। जिसके चलते वाकआउट कर बाहर आना पड़ा।
