शिमला, सुरेन्द्र राणा: पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की पुण्यतिथि पर आज शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू,उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ,कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धा सुमन अर्पित किए और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि मैं स्वयं भारत रतन अटल जी का अनुयायी हूँ। मैं समझता हूं कि हिमाचल को अटल जी अपना दूसरा घर मानते थे। राजनीति में अटल बिहारी वाजपेयी जी ने एक कीर्तिमान स्थापित किया था। जब उनकी सरकार अल्पमत में हो रही थी तो उन्होंने इस बात को संसद में कहा कि”अगर चिमटे से भी सरकार बचाने के लिए कुछ भ्रष्टाचार करना पड़े तो अटल बिहारी वाजपेयी नहीं करेगा।” सरकार चली गईं, लेकिन फिर देश की जनता ने उनको भारी बहुमत से उन्हें प्रधानमंत्री बनाने का काम किया था। राज्यपाल ने कहा कि आज हमें उनके बताए हुए मार्गों पर चल कर राजनीतिक मार्गदर्शन लेना चाहिए।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वे राजनीति में ऐसी शख्सियत थे जिनका सभी पार्टी के नेता आदर करते थे। कांग्रेस की सरकार में राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहते हुए अटल बिहारी वाजपेई को सरकारी खर्चे पर ईलाज के लिए विदेश भेजा गया था उस समय इस प्रकार की लोकतंत्र की प्रक्रिया चलाई जाती थी जो दलगत राजनीति से ऊपर रहती थी। हिमाचल से अटल जी का विशेष प्रेम था और कल्लू के प्रीणी में उनका अपना घर था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ऐसी शख्सियत को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि चाहे पक्ष के हो अथवा विपक्ष के नेता सभी को एक दूसरे के लिए सम्मान और एक दूसरे की बात सुनने की सहमति होनी चाहिए ।
