चंबा: भटियात उपमंडल की ग्राम पंचायत जंद्रोग में बादल फटने से नाले में बाढ़ आ गई। इसके साथ ही भू-स्खलन होने से दो मकान और तीन गोशालाएं जमींदोज हो गईं। इस घटना में गोशाला में बंधी 38 भेड़-बकरियां व एक गाय भी मलबे में दफन हो गई। उपमंडलीय प्रशासन की ओर से मकान मालिकों को 7500-7500 रुपए और गोशाला मालिकों को 2500-2500 रुपए की फौरी राहत प्रदान कर दी गई है। हलका पटवारी को इलाके में हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार जंद्रोग पंचायत में मंगलवार देर रात मूसलाधार बारिश के कारण ढलियारा व भगसियारा गांव में मलबा आ पहुंचा, जिससे काफी तबाही हुई है।गांव के एक पालूत कुत्ते के भौंकने की आवाज सुनकर ग्रामीण नींद से जाग गए। इसके बाद उन्होंने घरों व गोशालाओं की ओर से पानी के साथ मलबे को आता देख सुरक्षित जगह की ओर भागकर अपनी जान बचाई। बुधवार सुबह सर्च अभियान के दौरान ग्रामीणों ने गाय व चार बकरियों को मलबे से मृत हालत में बरामद किया, जबकि शेष मवेश्यिों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। एसडीएम भटियात पारस अग्रवाल ने राजस्व विभाग की टीम संग ढलियारा व भगसियारा गांव का दौरा कर बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित ढलियारा गांव के छोटा राम और भगसियारा गांव के जीवन कुमार से मुलाकात की। इसके साथ ही उन्होंने ढलियारा गांव के गोशाला मालिकों सरन सिंह, नारायण सिंह व करनैल सिंह से भी बात की।
