शिमला, सुरेंद्र राणा:भरमौर के विधायक डॉ जनक राज ने अपने विधानसभा क्षेत्र के दूरदराज क्षेत्र पांगी में जन सुविधाओं के अभाव को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इनका कहना है कि बार-बार विधानसभा सत्र में इस क्षेत्र में सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया लेकिन सरकार द्वारा आश्वासन के बाद भी इस क्षेत्र की बदहाली बदस्तूर जारी है। मजबूरन अपने क्षेत्र की मांगों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ी है। डॉक्टर जनक राज का कहना है कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में पांगी जनजातीय क्षेत्र में दौरा किया और कई घोषणाये की है लेकिन बावजूद इसके कोई भी घोषणा या विकास कार्य वहां पर शुरू नहीं हुए हैं।इनका आरोप है कि इस क्षेत्र में महिलाओं को 1500 रुपये की प्यारी बहना सुख सम्मान योजना जारी की गई है उसके लिए भी लोगों के घर बनाने की सब्सिडी से फंड लिया गया है और अब इस योजना के तहत लोगों को घर बनाने के लिए स्वीकृत की गई सब्सिडी राशि नहीं मिल पा रही है ।
विओ,,,पांगी भरमौर में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के साथ ही डॉक्टर जनक राज ने प्रदेश भर में अस्पतालों में हिमकेयर और आयुष्मान जैसी योजनाओं के साथ ही विभिन्न टेस्ट और मुफ्त औषधियां के बंद होने के भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पिछली भाजपा सरकार में लोगों को जिस प्रकार मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही थी उससे कहीं अधिक अब स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लोगों की जेब पर खर्च बढ़ गया है। डॉ जनक राज ने प्रदेश में बनने वाली दवाओं के सैंपल फेल होने के मामले को भी गंभीर बताया है। जब दवाइयां बनाई जाती है तो रेंडम सेंपलिंग के जरिए गुणवत्ता मानकों को परखा जाता है लेकिन जब तक गुणवत्ता जांच के नतीजे सामने आते हैं तब तक हजारों लाखों लोगों तक यह दवाइयां पहुंच चुकी होती है। ऐसे में सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है क्योंकि नकली अथवा मिलावटी दवाएं लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है।
