शिमला, सुरेन्द्र राणा। हिमाचल प्रदेश पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन की जिला शिमला इकाई के चुनावों को लेकर संगठन में जबरदस्त खींचतान देखने को मिल रही है। आत्माराम गुट द्वारा 21 और 23 मई को हमीरपुर और शिमला में चुनाव करवाने को लेकर जारी अधिसूचना के खिलाफ अब विरोधी गुट खुलकर सामने आ गया है। भूपराम वर्मा गुट ने इस अधिसूचना को अवैध करार देते हुए आत्माराम पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
गुरुवार को शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला महासचिव भूपराम वर्मा ने स्पष्ट किया कि शिमला जिला इकाई के त्रिवार्षिक चुनाव पहले ही 10 मई को कालीबाड़ी हॉल में संपन्न हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व जिला कार्यकारिणी का कार्यकाल 11 अक्तूबर 2024 को समाप्त हो गया था, और उसके छह महीने बाद चुनाव कराए गए, जिसमें 12 ब्लॉकों के डेलीगेट्स ने भाग लिया।
भूपराम वर्मा ने आत्माराम की वैधता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि आत्माराम न केवल प्रदेश बल्कि जिला अध्यक्ष के रूप में भी कार्यरत थे, लेकिन उनका जिला कार्यकारिणी कार्यकाल 11 अक्तूबर 2024 और प्रदेश कार्यकारिणी कार्यकाल 27 मार्च 2025 को समाप्त हो चुका है। साथ ही 26 अप्रैल 2025 को आयोजित आमसभा में उन्हें शिमला शहरी इकाई की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित भी कर दिया गया।
उन्होंने सवाल किया कि जब आत्माराम के पास संगठन की प्राथमिक सदस्यता ही नहीं है, तो उन्हें जिला चुनावों की अधिसूचना जारी करने का अधिकार कैसे हो सकता है? भूपराम ने इस अधिसूचना को संगठन विरोधी कदम बताते हुए चेतावनी दी कि अगर इसे वापस नहीं लिया गया तो मामला न्यायालय में ले जाया जाएगा।
फिलहाल, पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन में दो गुटों के बीच यह तकरार संगठन की एकता पर सवालिया निशान लगा रही है। स्थिति साफ है कि जब तक विवाद का समाधान नहीं होता, तब तक संगठन में असमंजस और आंतरिक तनाव बना रहेगा।
