शिमला: सुरेंद्र राणा: बिजली बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस में आज भ्रष्टाचार विरोधी दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनर्स ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ सामूहिक शपथ ली।
कार्यक्रम स्वर्गीय मुख्य अभियंता विमल नेगी की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया, जिनकी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा को याद करते हुए सभी ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता, नैतिकता और जवाबदेही को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
बिजली बोर्ड कर्मचारी, इंजीनियर, पेंशनर्स यूनियन के सह-संयोजक हीरा लाल वर्मा ने कहा कि यह “एंटी करप्शन डे केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संकल्प दिवस है। उन्होंने कहा कि आज सभी अधिकारी और कर्मचारी यह शपथ ले रहे हैं कि वे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार में संलिप्त नहीं होंगे और इसका डटकर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में विमल नेगी की मृत्यु के पीछे विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार एक बड़ा कारण रहा, जिसकी वजह से परिस्थितियां इतनी गंभीर बनीं। इसी को ध्यान में रखते हुए पावर सेक्टर में एंटी करप्शन कमेटी का गठन किया गया है, जिसके चेयरमैन ग्रोवर जी हैं और अन्य सदस्यों को नामित किया जा रहा है। हीरा लाल वर्मा ने कहा कि देश में बढ़ते भ्रष्टाचार पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि भारत का भ्रष्टाचार स्तर वैश्विक सूचकांक में काफी नीचे है और स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स का दुरुपयोग हो रहा है, जिसे रोकने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी होगी।उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कथन का जिक्र करते हुए कहा कि पहले जहां 100 में से 20 पैसे ही नीचे तक पहुंचते थे, अब स्थिति और खराब हो गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जॉइंट एक्शन कमेटी द्वारा बनाई गई एंटी करप्शन कमेटी पावर सेक्टर में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाएगी, मामलों को संबंधित प्राधिकरण के समक्ष उठाएगी और लोगों को जागरूक करेगी।
साथ ही उन्होंने कहा कि विमल नेगी मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है और सीबीआई अपनी रिपोर्ट दे चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नेगी परिवार को न्याय मिलेगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
