मोदी सरकार में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का हब बना भारत: अनुराग सिंह ठाकुर

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हिमाचल प्रदेश: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर आईपीयू ( Inter-Parliamentary Union ) की असेंबली बैठक के लिए उज़बेकिस्तान के प्रवास पर हैं। श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने उज़बेकिस्तान के समरकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में भारतीय मूल के मेडिकल छात्रों को संबोधित किया और कहा कि मोदी सरकार के 11 वर्षों के कार्यकाल में भारत विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का हब बना है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का हब बन कर उभरा है। 2013-14 में भारत सरकार का स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट 37,000 करोड़ रुपये था और 2025-26 में यह 1.37 लाख करोड़ रुपये है।आज देश में रिकॉर्ड 780 मेडिकल कॉलेज़, 23 एम्स, 1.15 लाख एमबीबीएस की सीटें स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को एक नया आयाम दे रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना’ (पीएम-जेवाई) की शुरुआत की गई थी। अब यह योजना देश के गरीब-वंचितों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना का उद्देश्य देश के गरीब और कमजोर वर्ग के करीब 50 करोड़ लोगों को भी प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिल सके जिसके तहत सरकार 5 लाख रुपये तक का हेल्थ बीमा देती है, जिसका लाभ परिवार का कोई भी सदस्य उठा सकता है।इस योजना के अंतर्गत अब तक 8 करोड़ से अधिक लोग मुफ्त इलाज का लाभ उठा चुके हैं।

इस योजना के कारण लाभार्थियों को उपचार पर हो सकने वाले 1.20 लाख करोड़ रुपये की बचत भी हुई है। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना ने ‘अच्छी भी, सस्ती भी’ के मंत्र के साथ स्वास्थ्य सेवा में बदलाव ला दिया है।

पूरे भारत में 15,000 से अधिक जन औषधि केंद्रों के साथ, यह पहल 50-90% कम कीमतों पर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी व्यक्ति उचित स्वास्थ्य देखभाल से वंचित न रहे”श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ उज़बेकिस्तान के बग़ल ही यूक्रेन है और वहाँ पर युद्ध जैसी आपात स्थिति में मोदी सरकार ने भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने का काम किया था। कोरोना महामारी से निपटने के लिए मेडिकल उपकरण से लेकर दवाइओं, वेंटिलेटर से लेकर वैक्सीन, वैज्ञानिक अनुसंधान से लेकर निगरानी संरचना, डॉक्टरों से लेकर महामारी विज्ञानियों सब पर फोकस किया गया है। ताकि वर्तमान और भविष्य में देश किसी स्वास्थ्य आपदा से निपटने में बेहतर रूप से तैयार हो। जिस तरह मोदी सरकार टीकाकरण अभियान में रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धियां हासिल कर रही हैं।

उसको देखते हुए आज पूरा विश्व भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र की मजबूती और दृढ़ता की खुलकर प्रशंसा कर रहा है। कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र ने अपने अनुभव और योग्यता को दिखाया है। संयुक्त राष्ट्र ने 2030 तक दुनिया को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है, जबकि भारत ने अपने लिए इस लक्ष्य को 2025 तक पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई है”

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