AIIMS को जल्द मिलेंगे 35 विशेषज्ञ चिकित्सक, नड्डा का खुलासा, जल्द करवाई जाएगी ज्वाइनिंग

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बिलासपुर: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और उर्वरक रसायन मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) बिलासपुर में हिमाचल की पहली पैट स्कैन मशीन का शुभारंभ किया। जनऔषधि केंद्र का शुभारंभ और 250 बैड क्षमता के विश्राम सदन की आधारशिला भी रखी।

सांसद अनुराग ठाकुर के सुझाव पर 250 बैड क्षमता को डबल कर 500 करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने खुलासा किया कि एम्स में नई सुविधाओं की शुरुआत की गई है और आने वाले समय में एम्स को तमाम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। एम्स में जल्द ही 35 विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किए जाएंगे, जिनमें 30 असिस्टेंट प्रोफेसर, दो एसोसिएट प्रोफेसर, एक एडिशनल प्रोफेसर और दो प्रोफेसर शामिल होंगे। इसके लिए फरवरी माह में इंटरव्यू लिए जा चुके हैं और जल्द ही इनकी ज्वाइनिंग कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एम्स में और रिक्रूटमेंट्स भी होंगी। केंद्रीय मंत्री ने एम्स के अधिकारियों, डाक्टरों और मरीजों से संवाद किया और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। श्री नड्डा ने जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाने और दवाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। एम्स की तीसरी मंजिल पर स्थित अमृत फार्मेसी का शुभारंभ किया। इस केंद्र पर 50 से 95 प्रतिशत तक की छूट जीवन रक्षक दवाओं पर उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने 25 करोड़ की लागत से स्थापित पैट सीटी (पोजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी) और स्पेक्ट सीटी (सिंगल फोटोन एमिशन कंम्युटिड टोमोग्राफी) स्कैनर का उद्घाटन किया। पैट सीटी स्कैनर से कैंसर, न्यूरोलॉजिकल व हृदय रोगों के सटीक निदान में मदद मिलेगी, जबकि स्पैक्ट सीटी स्कैनर से हड्डियों, किडनी व हृदय से जुड़ी बीमारियों की गहन जांच की जा सकेगी।नड्डा ने दूरदराज से आने वाले मरीजों के लिए 13.57 करोड़ लागत के विश्राम सदन का भूमिपूजन किया।

यह सुविधा विशेष रूप से उन मरीजों और उनके परिवारों के लिए उपयोगी होगी, जिन्हें इलाज के लिए एम्स में कई दिन रुकना पड़ता है। इस अवसर पर श्री नड्डा ने 2027 तक देश भर में जन औषधि केंद्रों की संख्या 25,000 तक पहुंचाने की योजना का खुलासा किया। वहीं, एम्स में चार करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से इनडोर स्टेडियम बनाने का ऐलान किया। यहां छात्रों और चिकित्साकर्मियों को खेल एवं व्यायाम की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एम्स बिलासपुर को एक विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस अवसर पर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल, प्रोफेसर डीएन शर्मा, एम्स के कार्यकारी निदेशक रणदीप शर्मा, विधायक श्रीनयना देवी रणधीर शर्मा, विधायक जीतराम कटवाल और त्रिलोक जमवाल उपस्थित थे।एम्स में खुलेगी रीजनल वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैबअब एम्स में किसी भी प्रकार के नए वायरस की टेस्टिंग और उसकी पहचान होने के बाद समयबद्ध ट्रीटमेंट की जा सकेगी। अभी तक सैंपल लेकर जांच के लिए पुणे संस्थान को भेजे जाते थे, लेकिन अब यह सुविधा एम्स में ही उपलब्ध होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को रीजनल वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब की आधारशिला रखी है। यह लैब नॉर्थ जोन में पीजीआई के बाद हिमाचल में ऐसी पहली ही होगी।

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