शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश में समोसे की जांच पर सियासी घमासान जारी है। भाजपा इसको लेकर लगातार सरकार पर निशाना साध रही है। वहीं सूक्खु सरकार में सीपीएस संजय अवस्थी ने इस पर पलटवार किया है और मुख्यमंत्री का इस प्रकरण से कोई लेना देना न होने के साथ ही भाजपा पर हिमाचल को बदनाम करने के आरोप लगाए है।
संजय अवस्थी ने सचिवालय में पत्रकार वार्ता कर कहा कि कांग्रेस सरकार के 2 साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री ने नेतृत्व में व्यवस्था परिवर्तन से हिमाचल को स्वाबलंबी बनाने की ओर प्रयासरत हैं लेकिन विपक्ष की भूमिका हिमाचल की लोकतांत्रिक परंपरा को आघात पहुंचाने वाली रही हैं। दो वर्षों में भाजपा एक भी मुद्दा ढूंढ नहीं पाई। यह पहली सरकार है जिस सरकार के एक भी नेता पर दो सालों में कोई भी भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे हैं। भाजपा के कार्यकाल में जो वर्तमान में भाजपा के अध्यक्ष है उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे और उन्हें अपने पद से त्यागपत्र भी देना पड़ा था। आज भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है और प्रदेश की जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के स्वच्छ पर्यावरण को दूषित करने का काम किया जा रहा है और हिमाचल को देशभर में शर्मसार होना पड़ रहा है। समोसा प्रकरण के साथ मुख्यमंत्री का नाम जोड़ा जा रहा है जबकि मुख्यमंत्री का इस घटना से कोई लेना देना नहीं है। यदि कोई घटना विभाग में होती है तो उस पर विभाग की कार्रवाई होती है लेकिन मुख्यमंत्री की लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा स्थाई सरकार को अस्थिर करने का काम कर रही हैं। भाजपा अपने कार्यकाल को भूल गई है। भाजपा इन्वेस्टर मीट के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए यही नहीं जनमंच में 6 करोड़ के फुल्के खा गए। इसकी जांच तक नहीं हुई ओर प्रदेश पर आर्थिक बोझ डाला गया।
उन्होंने राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन पर भी निशाना साधा ओर कहा कि उन्होंने अभी-अभी भगवा चोला पहना है वह अपने को कांग्रेस का सलाहकार कहते रहे। उन्होंने कांग्रेस के नाम पर अपना वजूद बनाया ओर कांग्रेस को खोखला करने का काम कांग्रेस में रहकर किया। आज वह भारतीय जनता पार्टी में जाकर वह वहां पर भी वही कर रहे हैं।
