इलेक्टोरल बॉन्ड के मुद्दे पर विपक्ष हमलावर

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दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2024 में विपक्ष इलेक्टोरल बॉन्ड के मुद्दे पर भाजपा पर हमलावर है। विपक्ष इसे देश का अब तक का सबसे बड़ा स्कैम करार दे रहा है। वहीं इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम पर फिर विवाद हो सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगर हम सत्ता में आए तो इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को फिर से वापस लाएंगे। इसके लिए पहले बड़े स्तर पर सुझाव लिए जाएंगे। अब विपक्ष ने सीतारमण की चुनावी बॉन्ड पर हालिया टिप्पणी की तीखी आलोचना की है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि इस बार वे कितना लूटेंगे। इससे पहले 15 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक फंडिंग के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह स्कीम असंवैधानिक है। बॉन्ड की गोपनीयता बनाए रखना असंवैधानिक है। यह स्कीम सूचना के अधिकार का उल्लंघन है।

कांग्रेस नेता ने लिखा कि हम जानते हैं कि भाजपा ने पेपीएम घोटाले में जनता के चार लाख करोड़ रुपए रुपए लूटे हैं। वे इस लूट को जारी रखना चाहते हैं। पेपीएम के चार तरीकों को याद कीजिए: (1) प्रीपेड रिश्वत – चंदा दो, धंधा लो (2) पोस्टपेड रिश्वत – ठेका दो, रिश्वत लो प्री-पेड और पोस्ट-पेड रिश्वत का कॉस्ट कुल मिलाकर: 3.8 लाख करोड़ रुपए (3) पोस्ट रेड रिश्वत – हफ़्ता वसूली रेड के बाद रिश्वत का कॉस्ट : 1,853 करोड़ रुपए पारदर्शिता लाना था तो नाम क्यों छिपाया? इलेक्टोरेल बॉन्ड पर फिर से बोले राहुल गांधी ।4) फर्जी कंपनियां – मनी लांड्रिंग फर्जी कंपनियों का कॉस्ट: 419 करोड़ रुपए सोचिए, यदि वे जीतते हैं और इलेक्टोरल बांड को फिर से बहाल करते हैं, तो इस बार वे कितना लूटेंगे?

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