शंभू बॉर्डर पर पिछले दिनों किसानों और पुलिस फोर्स के बीच जमकर संघर्ष हुआ। इस दौरान आंदोलन की आड़ में कई लोगों ने पत्थरबाजी भी की। इसे लेकर पुलिस अब सख्त दिख रही है।
पंजाब दस्तक, सुरेंद्र राणा:उपद्रवियों को चिह्नित किया जा रहा है। ड्रोन व बॉर्डर पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से उन्हें चिह्नित कर उनके पासपोर्ट व वीजा रद्द करने की आगामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। गौरतलब है कि किसान आंदोलन शुरू होने के बाद से कई बार पुलिस की तरफ पथराव हुआ था। वहीं पुलिस की तरफ से आंसू गैस के गोलों का प्रयोग कर लोगों को बैरिकेडिंग तोड़ने से पहले दूर किया गया था।
शंभू बॉर्डर पर वीरवार को उम्मीद थी कि किसान आंदोलन कर रहे किसान नेता अपनी रणनीति साझा करेंगे। मगर दिनभर किसान शुभकरण के अंतिम संस्कार के चलते रही व्यस्तता के कारण किसान नेताओं ने आंदोलन की आगे की रणनीति साझा करने के फैसले को शुक्रवार तक के लिए टाल दिया है।
शुक्रवार को चार से पांच किसान नेताओं का दल प्रेसवार्ता कर आंदोलन की आगे की रणनीति बताएगा। इधर दूसरी तरफ शंभू बॉर्डर पर वीरवार काे शांति दिखाई दी। मुख्य किसान नेता जहां किसान को श्रद्धांजलि देने गए थे तो वहीं स्थानी किसानों ने शंभू बॉर्डर पर जिम्मेदारी संभाली हुई थी। वह लोगों को सरकार के फैसलों के खिलाफ मंच से संबोधित कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ बेरिकेडिंग के पास अंबाला पुलिस फोर्स राहत की स्थिति में दिखाई दी।
कोई मोबाइल चला रहा था तो कोई किसानों पर नजर रखे हुए था। मगर इतनी तेज धूप में बेरिकेडिंग पर ड्यूटी देना पुलिस फाेर्स के लिए काफी चुनौती बनता नजर आ रहा है। यही हाल किसान आंदोलन में शामिल किसानों का है। हालांकि किसान तो फिर भी अपनी ट्रालियों और तंबुओं में दिन के समय बैठे नजर आ रहे हैं। वहीं किसान नेताओं का कहना है कि उनका दिल्ली कूच का फैसला अभी भी बरकरार है।
