लैंड सीलिंग एक्ट बदलने को राष्ट्रपति की मंजूरी, अब इतनी भूमि ट्रांसफर कर सकेंगी धार्मिक-आध्यात्मिक संस्थाएं

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शिमला, सुरेंद्र राणा:हिमाचल में लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है। हिमाचल विधानसभा से 20 दिसंबर, 2024 को यह विधेयक पास करके अनुमति के लिए भेजा गया था। राज्य सरकार ने राधा स्वामी सत्संग व्यास के भोटा स्थित चैरिटेबल अस्पताल की जमीन ट्रांसफर करने के लिए हिमाचल प्रदेश भू जोत अधिकतम सीमा अधिनियम 1972 में यह बदलाव किया था। इस बिल के जरिए धारा 5 में संशोधन किया गया है, जिसमें यह प्रावधान किया गया है कि राज्य में धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थाएं अधिकतम 30 एकड़ की सीमा तक लैंड को ट्रांसफर कर सकेंगी। हालांकि इसके लिए राज्य सरकार कारणों को लिखित में रिकार्ड करके फैसला लेगी। हिमाचल में लैंड रिफॉर्म का सबसे प्रभावी कानून लैंड सीलिंग एक्ट है।लैंड होल्डिंग किसी एक व्यक्ति या संस्था के नियंत्रण में न जाए, इसके लिए यह कानून बनाया गया था। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद हिमाचल के राज्यपाल ने भी इसे आगे प्रकाशित करने के लिए अधिकृत कर दिया है। इसके बाद राज्य के वित्त विभाग में इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। विधानसभा के धर्मशाला तपोवन में हुए सत्र में जब यह बिल रखा गया था, तब लंबी चर्चा के बीच भाजपा ने विधेयक को मौखिक समर्थन नहीं किया और करीब एक घंटा इस पर बहस हुई थी। भाजपा विधायकों ने जहां इस बिल को सिलेक्ट कमेटी में भेजने की मांग की, वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा पर दोहरी भूमिका का आरोप लगाया था। बाद में ध्वनिमत से इसे पारित कर दिया गया था।

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