शिमला, सुरेंद्र राणा: कारोबारी निशांत मामले में हिमाचल हाईकोर्ट ने जांच प्रभावित न हो इसके लिए डीजीपी और एसपी कांगड़ा को पद से हटाकर किसी और पद पर तैनाती के आदेश दिए हैं। भाजपा ने इस पर सरकार को घेरते हुए कहा है कि इस सरकार में पीड़ितों की कोई सुनवाई नहीं है जिसके बाद कोर्ट को स्वयं आदेश देने पड़ रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता बलवीर वर्मा ने कहा कि मामला न्यायालय में हैं। जो फैसला सरकार को करना था वह उच्च न्यायालय को लेना पड़ा है। प्रदेश में कानून व्यवस्था का स्तर गिरता जा रहा है। प्रदेश सरकार में गरीब, पीड़ित प्रताड़ित जनता की कोई सुनवाई नहीं है। कोर्ट का ये फैसला सरकार के मुंह पर थप्पड़ है।
