शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल प्रदेश में भी जातीय जनगणना होगी। दिल्ली में सोमवार को संपन्न कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की मीटिंग में इसे लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया। CWC में चार घंटे तक चली चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। इस प्रस्ताव के मुताबिक, कांग्रेस शासित हिमाचल, कर्नाटक, राजस्थान और छत्तीसगढ़ भी जातीय गणना करेंगे।
देश में आज से पहले कभी भी जातीय जनगणना नहीं हुई। कांग्रेस ने जाती गिनने के बाद आर्थिक सर्वेक्षण करने का भी होगा ताकि गरीबों को उनका हक भी मिल सके। जातीय गणना को लेकर पहाड़ों पर सियासत भी गर्म हो गई है। भारतीय जनता पार्टी समाज को जाती के रूप में बांटने के आरोप लगा रही है।
हिमाचल में जातीय गणना का प्रोसेस क्या होगा, बिहार की तर्ज पर होगी। इसे लेकर सरकार बाद में स्थिति स्पष्ट करेगी।
गौरतलब है कि देश में 2020 में तय सामान्य जनगणना तो कोरोना के कारण नहीं हो पाई। यह काम तीन साल बाद भी शुरू नहीं हुआ। इस बीच CWC ने चार राज्यों में जातीय गणना करने का निर्णय लेकर लिया है।
जयराम बोले- समाज को बांटने की कोशिश
CWC में लिए फैसले पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यह समाज को बांटने की कोशिश है। कांग्रेस अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को पाने के लिए यह हथकंडे अपना रही है। यह समाज को बांटने की कोशिश है।
