पंजाब दस्तक: प्रयागराज में 16 अक्टूबर से शुरू हो रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की चार दिवसीय बैठक में जनसंख्या नियंत्रण पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही बैठक में सामाजिक समरसता जैसे मुद्दे पर भी चर्चा होगी। आरएसएस के प्रचार प्रभारी सुनील आंबेकर ने एक बयान में बताया कि संघ की सभी 45 क्षेत्रीय इकाइयों के पूर्णकालिक कार्यकर्ता अखिल भारतीय कार्यकारी बोर्ड की बैठक में शामिल होंगे। बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव दत्तात्रेय होसाबले भी शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि बैठक में देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही भागवत के विजयदशमी भाषण में सामने आए महत्वपूर्ण मुद्दों पर आगे की रणनीति और कार्य योतना पर भी चर्चा होगी। भागवत ने अपने भाषण में कहा था कि भारत को एक ऐसी व्यापक जनसंख्या नियंत्रण नीति बनानी चाहिए जो सभी लोगों पर समान रूप से लागू हो। उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि ‘वर्ण’ और ‘जाति’ की अवधारणाओं को भुला दिया जाना चाहिए।
सूत्रों ने बताया कि संघ की चार दिवसीय बैठक में जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक समरसता के इन दोनों मुद्दों को प्रमुखता से रखा जाएगा। आंबेकर ने कहा कि ‘अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा’ में तैयार की गई वार्षिक कार्य योजना की प्रगति की समीक्षा भी बैठक में होगी। बैठक में संगठनात्मक कार्यों के विस्तार का भी जायजा लिया जाएगा।
