पंजाब दस्तक, दिल्ली,रद्द की जा चुकी आइटी एक्ट की धारा 66ए के तहत अभी भी एफआइआर दर्ज किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। मंगलवार को शीर्ष अदालत ने इस धारा के तहत मामले दर्ज करने वाले राज्यों के मुख्य सचिवों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे तीन हफ्ते के भीतर सभी मामले वापस लें। इस मामले में अब तीन हफ्ते बाद सुनवाई होगी।
वर्ष 2015 में ही रद की जा चुकी आइटी एक्ट की इस धारा के तहत इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने पर तीन साल तक की कैद की सजा और जुर्माने का प्रविधान था। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा कि यह बहुत ही गंभीर चिंता का विषय है कि इस अदालत द्वारा इस धारा को रद किए जाने के बावजूद अभी भी इसके तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं। पीठ में जस्टिस एस रविंद्र भट भी थे।
