सीएम सुक्खू का ‘एक्शन’ मोड: डगवार मिल्क प्लांट बनेगा हिमाचल की ‘सफेद क्रांति’ का आधार, दिए सख्त निर्देश

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कांगड़ा से उमांशी राणा की रिपोर्ट:कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को कांगड़ा के डगवार स्थित निर्माणाधीन मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के कड़े रुख और स्पष्ट निर्देशों से मौके पर मौजूद अधिकारियों और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि इस ड्रीम प्रोजेक्ट की राह में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।काम की सुस्त रफ्तार पर बरसे सीएम: “जुलाई तक चाहिए नतीजा”निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री निर्माण कार्य की धीमी गति को देखकर बेहद नाराज हुए। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में अल्टीमेटम देते हुए कहा कि जुलाई तक हर हाल में काम पूरा हो जाना चाहिए। सीएम ने तकनीकी बदलावों पर भी कड़ी आपत्ति जताई और सवाल किया:”जब मैंने स्पष्ट तौर पर फुली ऑटोमेटिक प्लांट की बात कही थी, तो यहां मैन्युअल सेटअप क्यों लगाया जा रहा है? सिस्टम में आधुनिकता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।”हिमाचल के दुग्ध क्षेत्र के लिए ‘मील का पत्थर’मुख्यमंत्री ने कहा कि डगवार का यह आधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट हिमाचल के डेयरी सेक्टर की तस्वीर बदल देगा। उन्होंने इसके भविष्य का खाका खींचते हुए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की:बड़ी क्षमता: संयंत्र की प्राथमिक क्षमता 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 3 लाख लीटर तक ले जाया जाएगा।ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल: गांवों से बड़े स्तर पर दूध एकत्रित कर यहां उसका प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) किया जाएगा।वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स: यहां सिर्फ दूध ही नहीं, बल्कि दही, पनीर, घी और आइसक्रीम जैसे उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार किए जाएंगे।पशुपालकों की बढ़ेगी आमदनीमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस आधुनिक संयंत्र का सीधा लाभ प्रदेश के मेहनतकश पशुपालकों को मिलेगा। जब यहां अत्याधुनिक तकनीक से उत्पाद बनेंगे, तो डेयरी किसानों को उनके दूध का बेहतर दाम मिलेगा और उनकी आर्थिकी मजबूत होगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और डगवार प्लांट इसी दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

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