स्वच्छता सर्वेक्षण पर नगर निगम शिमला के मेयर ने उठाए सवाल

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शिमला, सुरेन्द्र राणा:देशभर में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण 2024‑25 में शिमला शहर की रैंकिंग में भारी गिरावट दर्ज हुई है। 2015 से लगातार स्वच्छता में अव्वल रहने वाला शिमला इस बार देश के टॉप 300 शहरों की सूची से भी बाहर हो गया है। 824 शहरों की रैंकिंग में शिमला को 347वां स्थान मिला है। नगर निगम शिमला को इस सर्वेक्षण में 7500 में से सिर्फ 4798 अंक हासिल हुए।
शहर की गिरती रैंकिंग को लेकर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सर्वेक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे शिमला के साथ अन्याय करार दिया।

विओ,,,नगर निगम शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि शहर में कोई लेक नहीं है, फिर भी उस मापदंड पर हमारे अंक काटे गए। हमें नहीं मालूम यह सर्वेक्षण किन मानकों पर आधारित था।
महापौर ने बताया कि नगर निगम ने इस पर आपत्ति दर्ज करवाई है और केंद्रीय मंत्रालय को चिठ्ठी लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट एकतरफा है और इसके खिलाफ खुलकर विरोध किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश की बात करें तो इस बार स्वच्छता में ठियोग नंबर एक पर रहा है। हमीरपुर जिले का नादौन दूसरे स्थान पर रहा, जबकि शिमला शहर को तीसरा स्थान मिला है। मेयर ने कहा कि किन। मापदंडों पर यह रैंकिंग हुई ये समझ से परे है।
गौर करने वाली बात यह भी है कि ठियोग से निकलने वाले कचरे का निस्तारण शिमला नगर निगम के भरयाल संयंत्र में ही किया जाता है।

बाइट,,,सुरेन्द्र चौहान, महापौर, नगर निगम शिमला

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