शिमला, सुरेंद्र राणा: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मात्र साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में वर्तमान प्रदेश सरकार ने अपनी सभी चुनावी गारंटियों को पूरा कर लोगों से किए वादे को निभाने का दावा किया है। प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चरणबद्व तरीके से राजीव गांधी डे-बोडिंग स्कूल खोले जा रहे है। पहली कड़ी में प्रदेश के 42 विधानसभा क्षेत्रों में इन स्कूलों को खोलने की सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी है। वहीं प्रदेश के 10 स्थानों पर डे बोडिंग स्कूलों के निर्माण कार्य भी युद्धस्तर पर चल रहे है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में वर्तमान सरकार ने 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की। इस निर्णय से कांग्रेस ने अपनी पहली गारंटी को पूरा किया। मात्र दो-तीन हजार रुपए प्रति माह पेंशन पाने वाले रिटायर्ड एनपीएस कर्मचारियों को अब 20 से 40 हजार रुपए की पेंशन मिल रही है, जिससे वे सम्मानजनक तरीके से जीवन व्यतीत कर रहे हैं। दूसरी गारंटी के तहत इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को 1500 रुपए प्रति माह प्रदान किए जा रहे हैं। योजना के पहले चरण में प्रदेश की 35,687 महिलाओं को सम्मान निधि के रूप में 29.12 करोड़ रुपए जारी किए गए और अब दूसरे चरण में एक लाख अति गरीब परिवारों की महिलाओं को 1500 रुपए पेंशन मिलने जा रही है। यही नहीं, युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में 680 करोड़ रुपए की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना आरंभ की गई है। राजीव गांधी ई-टैक्सी योजना के तहत युवाओं को टैक्सी खरीद के लिए 50 प्रतिशत सबसिडी दी जा रही है।इसके अलावा निजी भूमि पर 100 किलोवाट से दो मेगावाट तक सोलर पैनल लगाने के लिए जनजातीय क्षेत्रों में पांच प्रतिशत और गैर-जनजातीय क्षेत्रों में चार प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जा रहा है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना लागू की गई है। इस वित्त वर्ष से प्राकृतिक खेती से उगाई गई गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 रुपए से बढ़ाकर 80 रुपए, मक्की का 40 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए, पांगी घाटी के जौ का मूल्य 60 रुपए से बढ़ाकर 80 रुपए प्रति किलोग्राम किया गया। इसके अलावा हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 90 से बढ़ाकर 150 रुपए और पहली बार अदरक के लिए समर्थन मूल्य 30 रुपए प्रति किलोग्राम किया गया है। ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने गाय के दूध का समर्थन मूल्य 32 से बढ़ाकर 61 रुपए तथा भैंस के दूध का समर्थन मूल्य 47 से बढ़ाकर 71 रुपए प्रति लीटर किया है। इसके अलावा वर्तमान सरकार एक और गारंटी को पूरा करते हुए पशुपालकों को लाभान्वित करने के लिए 300 रुपए प्रति क्विंटल की दर से जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट की खरीद कर रही है। रोजगार के वादे को पूरा करते हुए केवल सरकारी क्षेत्र में ही पिछले तीन वर्षों में 23,200 से अधिक युवाओं को नौकरी दी गई है। हजारों की संख्या में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है, जिनमें से अकेले 9535 अध्यापकों के पद भरे जा रहे हैं। निजी क्षेत्र में भी 51,400 युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कौशल विकास भत्ता योजना एवं औद्योगिक कौशल भत्ता योजना के अन्तर्गत 82,515 नए लाभार्थियों को जोड़ा गया है। एक लाख युवाओं को आजीविका परामर्श एवं मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया गया।वर्तमान कांग्रेस सरकार ने बागबानों को उनके उत्पादों की कीमत तय करने का अधिकार सुनिश्चित किया है तथा उन्हें उत्पादों के बेहतर दाम मिल रहे हैं। इसके अतिरिक्त यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू होने से बागबानों की आय बढ़ी है। हिमाचल प्रदेश बागबानी नीति लागू करने वाला देश का पहला राज्य है तथा मंडी मध्यस्थता योजना में सेब, किन्नू, माल्टा, संतरा और गलगल जैसे फलों के समर्थन मूल्य में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा के साथ-साथ पेट स्कैन, थ्री टेस्ला एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी आधुनिक मशीनें स्थापित कीं, ताकि प्रदेश में ही मरीजों को सस्ता और सुलभ इलाज मिल सके। प्रदेश सरकार ने अपना परिवार-सुखी परिवार योजना के तहत अति गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रति माह देने का निर्णय लिया है। इस योजना से एक लाख परिवार लाभान्वित होंगे।
