पंजाब दस्तक
बिलासपुर (वरिष्ठ पत्रकार: काजल)
चक्का जाम से लेकर खूनी हस्ताक्षर अभियान तक, जुखाला कॉलेज बचाओ मंच के कड़े संघर्ष को मिली सफलता
विधायक रणधीर शर्मा की अगुवाई में मुख्यमंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल, सीएम ने सेक्रेटरी और अधिकारियों को जारी किए तुरंत नोटिफिकेशन के ऑर्डर
संघर्ष कमेटी का बड़ा ऐलान: मुख्यमंत्री के सकारात्मक आश्वासन का स्वागत, लेकिन जब तक लिखित ऑर्डर (अधिसूचना) नहीं आता, जारी रहेगा मोर्चा
बिलासपुर/शिमला: जनभावनाओं और व्यापक छात्र हित के आगे आखिरकार सरकार को सकारात्मक कदम उठाना ही पड़ा। बिलासपुर के जुखाला डिग्री कॉलेज में बंद की गई साइंस और कॉमर्स की कक्षाओं को दोबारा शुरू कराने के लिए चल रहा बड़ा जन-आंदोलन अब सफलता की दिशा में बढ़ गया है। स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की पुरजोर मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन बंद कक्षाओं को तुरंत बहाल करने के लिए संबंधित अधिकारियों और सेक्रेटरी को अधिसूचना जारी करने के सख्त निर्देश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री के इस बड़े और सकारात्मक आश्वासन के बाद जहां एक ओर पूरे इलाके में खुशी का माहौल है, वहीं ‘जुखाला कॉलेज बचाओ मंच’ ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकारी आदेश लिखित रूप में सामने नहीं आते, तब तक उनका सांकेतिक मोर्चा जारी रहेगा।
आपको बता दें कि जुखाला कॉलेज में साइंस और कॉमर्स की कक्षाएं बंद करने के फैसले के खिलाफ स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने बीते 24 जून से मोर्चा खोल रखा था। ग्रामीणों और छात्रों का कहना था कि इन महत्वपूर्ण विषयों के बंद होने से दूर-दराज के ग्रामीण व गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए भारी-भरकम खर्च उठाकर बाहरी क्षेत्रों का रुख करना पड़ रहा था। इस मांग को लेकर लगातार धरने, प्रदर्शन और चक्का जाम किए गए। आंदोलन इस कदर आगे बढ़ा कि चक्का जाम से लेकर ‘खूनी हस्ताक्षर अभियान’ तक चलाया गया, जिसमें क्षेत्र के लगभग 500 युवाओं और लोगों ने अपने खून से दस्तखत करके सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई थी।
इस गंभीर मामले को लेकर श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणधीर शर्मा की अगुवाई में ‘जुखाला कॉलेज बचाओ मंच’ का एक प्रतिनिधिमंडल शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सरकारी आवास पर मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। विधायक रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए सीधे शब्दों में मांग रखी कि इन कक्षाओं को तुरंत बहाल किया जाए, क्योंकि कक्षाएं बंद होने से क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बिलासपुर के इस प्रतिनिधिमंडल की मांग और जनभावनाओं को बेहद गंभीरता से सुना और व्यापक छात्र हित में तुरंत निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने तुरंत एक्शन लेते हुए संबंधित उच्च अधिकारियों और विभाग के सेक्रेटरी को इस मामले पर जल्द से जल्द आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी करने के आदेश दे दिए।
इस महत्वपूर्ण फैसले पर श्री नैना देवी जी के विधायक रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का सहृदय आभार व्यक्त किया और कहा कि यह क्षेत्र के विद्यार्थियों के हित में सरकार का एक ऐतिहासिक कदम है। वहीं दूसरी ओर, इस पूरे मामले में विधायक रणधीर शर्मा द्वारा निभाई गई सक्रिय भूमिका, छात्रों की आवाज को सरकार तक पुरजोर तरीके से पहुंचाने और शिमला में मुख्यमंत्री से मिलकर इस समस्या का त्वरित समाधान करवाने के लिए क्षेत्र की जनता, छात्र संगठन और जुखाला कॉलेज बचाओ मंच ने भी विधायक रणधीर शर्मा का विशेष रूप से आभार प्रकट किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक के इन प्रयासों से क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को एक नई ताकत मिली है।
दूसरी ओर, संघर्ष समिति और ‘जुखाला कॉलेज बचाओ मंच’ का रुख अभी भी पूरी तरह मुस्तैद है। मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री के आश्वासन का स्वागत करते हैं, लेकिन जब तक आधिकारिक और लिखित अधिसूचना जारी नहीं हो जाती, तब तक वे पूरे मामले पर पैनी नजर रखेंगे और उनका शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा। मंच ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि सिर्फ और सिर्फ विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करना था। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें सरकार द्वारा जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना (Notification) पर टिक गई हैं, जिसके जारी होते ही जुखाला कॉलेज में साइंस और कॉमर्स की कक्षाएं फिर से विधिवत शुरू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।
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