शिमला, ब्यूरो:साइबर हेल्पलाइन डाटा सेंटर 1930 पर पिछले कुछ दिनों से क्रिकेट मैच टिकट बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। साइबर अपराधी ऐसी फर्जी वेबसाइट्स तैयार कर रहे हैं, जो देखने में बिलकुल असली और आधिकारिक वेबसाइट जैसी लगती हैं। लोग इन वेबसाइट पर टिकट बुकिंग के दौरान अपनी बैंकिंग जानकारी साझा कर देते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अधिकांश लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाई देने वाले विज्ञापनों या शेयर किए गए लिंक के जरिए इन फर्जी वेबसाइटों तक पहुंचते हैं। वेबसाइटों का डिजाइन और स्वरूप आधिकारिक वेबसाइट जैसा होने के कारण आमजन के लिए असली और नकली वेबसाइट में अंतर करना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा ऑनलाइन लॉटरी, पैसा दोगुना करने, निवेश पर अधिक मुनाफा देने और अन्य आकर्षक ऑफर्स के नाम पर भी लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से लालच देकर ठगा जा रहा है।
ऐसे मामलों की शिकायतें भी राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर लगातार दर्ज हो रही हैं। पुलिस और साइबर विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन टिकट बुकिंग, निवेश, लॉटरी या वित्तीय लेन-देन करने से पहले संबंधित वेबसाइट या एप्लीकेशन की अच्छी तरह जांच करें। केवल आधिकारिक और विश्वसनीय प्लेटफार्म का ही उपयोग करें तथा किसी भी अनजान लिंक, संदिग्ध संदेश या सोशल मीडिया विज्ञापन पर बिना जांच क्लिक न करें। यदि किसी व्यक्ति को ऑनलाइन धोखाधड़ी होने की आशंका हो या वह साइबर ठगी का शिकार हो जाए, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर शिकायत दर्ज करवाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि सुरक्षित की जा सके और साइबर अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
