पेंशनर दिवस को काले दिवस के रूप में मनाएगा सचिवालय सेवानिवृत कर्मचारी महासंघ, जानिए वजह

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शिमला, सुरेंद्र राणा, भारतवर्ष में 17 दिसंबर को पेंशनर दिवस मनाया जाता है। हिमाचल प्रदेश के पेंशनर्स भी इस दिवस को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। लेकिन सचिवालय सेवानिवृत कर्मचारी महासंघ इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाने जा रहा हैं।

सचिवालय सेवानिवृत कर्मचारी महासंघ ने अध्यक्ष मदन शर्मा की अध्यक्षता में सचिवालय में आज आपातकालीन बैठक हुई। जिसमे वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीलम चौहान, उपाध्यक्ष भूप राम वर्मा कैशियर जगत ठाकुर संयुक्त सचिव भास्कर और सदस्य रमा कुमारी व पुष्पलता सिंघा मौजूद रहे और पेंशनर दिवस को काला दिवस मनाने का फैसला लिया।

संगठन का मानना है कि उनकी जो मांगे हैं वह आज तक पूरी नहीं हुई है। कर्मचारियों को अपने हक के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा हैं। उन्होंने पेंशनर दिवस पर काला दिवस मनाने के साथ ही पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिशन के अध्यक्ष आत्मा राम पर निशाना साधा है।

सचिवालय सेवानिवृत कर्मचारी संगठन के प्रधान मदन शर्मा ने कहा कि आत्मा राम पेंशनर्स दिवस पर कार्यक्रम करने की बात कह रहे हैं। सीएम सुक्खू को उसमे मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर रहें है। इसके लिए सेवानिवृत कर्मचारियों से पैसों की मांग कर रहे हैं। सचिवालय पेंशनर कर्मचारी महासंघ इसका विरोध करता हैं। उस दिन काला दिवस मनाया जायेगा। 1.1. 16 से 30 दिसंबर 2021 तक रिटायर हुए कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ नहीं दिए गए हैं। इसके अलावा 2006 से 2016 के बीच के कर्मचारियों की कई देनदारियां हैं।

उन्होंने कहा कि आत्मा राम को इस तरह की बात नही करनी चाहिए वह ऐसा क्यों कह रहे हैं उन्हें बताना चाहिए। हिमाचल पेंशनर वेलफेयर एसोसिशन के चुनाव नही हुए हैं सेवा निवृत कर्मचारी इसकी मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उस दिन सभी को पेंशनर दिवस नही बल्कि काला दिवस मनाना चाहिए। 1.1. 16 से 31 दिसंबर 2021 तक रिटायरमेंट हुई है। उनकी हालत सरकार ने बहुत ज्यादा खराब कर रखी है। कई सेवानिवृत कर्मचारी तो स्वर्ग सिधार गए हैं। इस दौरान सेवानिवृत हुए लोगों का 15 से 25 लाख तक की राशि सरकार के पास है।

इनकी फिक्सेशन की फाइलें अभी तक एजी ऑफिस से ही नहीं आई है और कई तो सचिवालय में लटकी पड़ी है। उनकी ग्रेच्युटी की आधी राशि जो कि 10 लाख बनती है सरकार के पास पड़ी है।वन्ही लीव एनकैशमेंट की लाखों रुपए की राशि सरकार ने रोक रखी है। ऐसे में पेंशनर दिवस मनाना बेईमानी है।

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