शिमला, सुरेन्द्र राणा : भारतीय जनता पार्टी शिमला के जिलाध्यक्ष केशव चौहान ने प्रदेश सरकार की नई ‘जॉब ट्रेनी’ योजना को युवाओं के साथ सबसे बड़ा धोखा करार देते हुए कहा कि यह योजना हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को गुमराह करने का कांग्रेस सरकार का सुनियोजित षड्यंत्र है। यह योजना न रोजगार देती है, न सुरक्षा, बल्कि यह केवल कांग्रेस सरकार का वह तरीका है जिससे वह एक साल के लिए जनता को भ्रम में रख सके।केशव चौहान ने कहा कि इस योजना में युवाओं को पहले परीक्षा देनी होगी, फिर दो साल अस्थायी रूप से काम करना होगा, और उसके बाद दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी। लेकिन स्थायी नौकरी की कोई गारंटी नहीं है। इस दौरान युवाओं को न मेडिकल सुविधाएं मिलेंगी, न कोई सामाजिक सुरक्षा – न आयुष्मान भारत, न हिमकेयर का लाभ मिलेगा और न ही यह नियुक्ति सरकारी कर्मचारी के मानकों में गिनी जाएगी।उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार युवाओं को झूठे वादों और दिखावटी घोषणाओं से ठग रही है। चुनावों के समय प्रियंका गांधी, भूपेश बघेल, सुखविंदर सुक्खू सहित तमाम कांग्रेस नेताओं ने दावा किया था कि प्रदेश में 63000 पद खाली हैं और वे सत्ता में आते ही 1 लाख युवाओं को पक्की नौकरी देंगे।लेकिन
अब न तो कोई पद भरे गए, न नई भर्तियां हो रही हैं। उल्टा HPSSC जैसी संस्थाएं बंद करके युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला गया है।केशव चौहान ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार में नौकरियां केवल “सरकारी मित्रों” को दी जा रही हैं – वन मित्र, पशु मित्र, मुख्यमंत्री मित्र जैसे तमगों से सिर्फ चहेतों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। शेष युवा लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटरों में तैयारी करते रह जाते हैं, पर परीक्षा रद्द कर दी जाती है या परिणाम रोक दिए जाते हैंभाजपा
जिला अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जॉब ट्रेनी जैसी नीतियों को लागू करने के लिए सरकार के पास कोई ठोस ढांचा, पारदर्शिता या फार्मूला नहीं है। न यह स्पष्ट है कि ट्रेनी की नियुक्ति कौन करेगा, न यह कि उन्हें भविष्य में किस प्रक्रिया से स्थायी किया जाएगा। यह पूरी योजना एक भ्रामक और असफल प्रयोग है, जिसका खामियाजा हिमाचल का युवा भुगत रहा है।भारतीय जनता पार्टी मांग करती है कि सरकार इस युवाविरोधी योजना को तुरंत वापस ले और प्रदेश के युवाओं को स्थायी रोजगार देने के लिए पारदर्शी नीति लागू करे।
