शिमला, सुरेन्द्र राणा: प्रदेश में लंबे समय से करुणामूलक नियुक्तियों का इंतजार कर रहे आश्रितों ने सरकार से पॉलिसी में मौजूद अड़चनों को दूर करने और तुरंत नोटिफिकेशन जारी करने की मांग उठाई है। करुणामूलक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि अगस्त माह में हुई कैबिनेट बैठक में आय सीमा को 2.50 लाख से बढ़ाकर 3 लाख करना सराहनीय कदम है, लेकिन पॉलिसी में मौजूद अन्य खामियों को दूर किए बिना इसका लाभ अधूरा रहेगा।उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में लगभग 3500 करुणामूलक मामले विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों में लंबित पड़े हैं। यदि सरकार 3 लाख फ्लैट आय सीमा का नोटिफिकेशन जारी करती है और रिजेक्टेड केसों को दोबारा कंसीडर करती है तो करीब 2800 परिवारों को राहत मिलेगी।अजय कुमार ने कहा कि प्रदेशभर के करुणामूलक आश्रित आज से स्पीड पोस्ट अभियान चलाकर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएंगे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि करुणामूलक संघ की मांगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए नोटिफिकेशन जारी किया जाए।
करुणामूलक संघ की मुख्य मांगें :1. आय सीमा को फ्लैट 3 लाख किया जाए और एक सदस्य सालाना आय शर्त 62,500 रुपये को हटाया जाए।
2. 22 अगस्त 2022 की रिजेक्टेड केसों से संबंधित नोटिफिकेशन को रद्द कर, पुराने मामलों को नई पॉलिसी के तहत कंसीडर किया जाए।3. 5% कोटे की शर्त हटाई जाए ताकि One Time Relaxation के तहत सभी लंबित मामलों में नियुक्तियां हो सकें।
4. शैक्षणिक योग्यता के अनुसार टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल श्रेणियों में नौकरियां दी जाएं।
5. नियुक्तियां मृतक कर्मचारी की मृत्यु तिथि के आधार पर वरिष्ठता अनुसार दी जाएं ताकि किसी भी परिवार के साथ भेदभाव न हो।
अजय कुमार ने कहा कि सभी करुणामूलक आश्रितों ने अपने परिवार के कमाने वाले सदस्य को खोया है और सरकार को बिना किसी भेदभाव के उनके साथ न्याय करना चाहिए।
