चंडीगढ़, सुरेन्द्र राणा: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को पुलिस कमिश्नरों (सीपीज) और सीनियर पुलिस कप्तानों (एसएसपीज) को राज्य भर में कानून-व्यवस्था के हालात पर कड़ी नजर रखने की हिदायत दी। सीपीज और एसएसपीज के साथ वर्चुअल मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि बाढ़ पीडि़तों का समय पर पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए इन अधिकारियों का सिविल प्रशासन में अपने हमरुतबा अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए रखना ज़रूरी है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बाढ़ के दौरान असली नुकसान झेलने वाले पीडि़तों को जरूर मुआवज़ा मिले। भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को इस मकसद के लिए उत्साह से काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस अत्यावश्यक लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सिविल और पुलिस प्रशासन के बीच सुचारू तालमेल की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने पीडि़तों तक जरूरी सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों का भरोसा बहाली के कदम उठाने की वकालत की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्य सुचारू हों, ताकि पीडि़तों तक सहायता निर्विघ्न पहुंचे। अपराध और आपराधिक तत्त्वों के साथ बिलकुल लिहाज न बरतने की नीति दोहराते हुए भगवंत सिंह मान ने सीपीज और एसएसपीज को पंजाब भर में कानून-व्यवस्था बरकरार रखने की कोशिशें तेज करने के लिए कहा। बाढ़ के दौरान पंजाब पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फोर्स के लाजवाब योगदान को इतिहास में सुनहरे अक्षरों से याद किया जाएगा। उन्होंने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के अंतर्गत नशों के खिलाफ और गैंगस्टरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए पंजाब पुलिस की सराहना की। उन्होंने पंजाब पुलिस की समृद्ध विरासत की तारीफ की और भरोसा जताया कि पुलिस हर हाल में पंजाब का अमन, तरक्क़ी और खुशहाली की रक्षा करती रहेगी। मीटिंग के दौरान मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, डीजीपी गौरव यादव और अन्य सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे।
