पंचायती राज चुनावों से भाग रही कांग्रेस की अलोकप्रिय सरकार : त्रिलोक

Spread the love

शिमला, सुरेन्द्र राणा: भाजपा प्रदेश वरिष्ठ त्रिलोक जमवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उनके मुखिया पंचायती राज चुनावों से भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। लगातार एक के बाद एक ऐसे कदम हिमाचल प्रदेश की सरकार उठा रही है जिससे साफ दिख रहा है कि यह लोग पंचायती राज चुनावों को 2 वर्ष आगे ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पहले मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्ताव देना कि पंचायती राज चावन को आगे ले जाओ, फिर चुनाव आयोग के साथ सीधा टकराव, वोटर लिस्ट पूरी न होने का बहाना बनाना, सरकार द्वारा लगातार यह कहना कि जनगणना नहीं हुई इसलिए चुनाव नहीं हो सकता, उसके उपरांत टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को चुनावी प्रक्रिया के बीच डालना। ऐसे अनेकों उदाहरण तो पहले भी हमारे समक्ष आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब तो हद ही हो गई है, राज्य के कई जिलों के डीसी ने सचिव पंचायतीराज को चुनाव टालने को पत्र लिखे है। इसमें आपदा के कारण निजी व सरकारी संपत्ति, सड़कों और रास्तों को हुए नुकसान का हवाला दिया गया है। बताया गया कि मनरेगा के तहत विभिन्न कार्य शुरू किए गए है। वर्तमान हालात में अभी पंचायतीराज चुनाव व्यावहारिक नहीं है। प्रशासन और विभाग के कर्मचारी आपदा राहत कार्यों में व्यस्त है। इसे देखते हुए सरकार से डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के प्रावधानों के तहत आवश्यक आदेश जारी करने का आग्रह किया गया है। त्रिलोक ने कहा कि यह तभी संभव है जब सरकार के मुखिया इस प्रकार के आदेश देंगे। उन्होंने कहा कि शायद यही कारण है कि हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया।

जिसके कारण लगातार सरकारी कर्मचारियों पर दबाव बनाते हुए सरकार अपना मतलब निकल सके, यह स्पष्ट है कि आज चुनाव हो जाए तो कांग्रेस पार्टी को वोट नहीं पड़ेगा। यही बड़ा कारण है कि कांग्रेस पार्टी पंचायती राज चावन से भागना चाहती है, क्योंकि इन चावन में कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ेगा।प्रदेश की 3615 पंचायतों और 73 नगर निकायों में इसी साल चुनाव होने है। मगर जिस तरह के हालात बन रहे है, उसे देखते हुए ये चुनाव समय पर होते नजर नहीं आ रहे है, क्योंकि राज्य सरकार ने इलेक्शन कमीशन के आदेशों के बावजूद अब तक आरक्षण रोस्टर नहीं लगाया। इस प्रकार की तानाशाही ज्यादा समय नहीं चलने वाली, चुनाव आज कर लो या कल सरकार को करारी हार का सामना करना ही पड़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *