शिमला, सुरेन्द्र राणा: पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र एवं हिमाचल के पीडब्ल्यूडी और शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह शादी के बंधन में बंध गए हैं। उन्होंने चंडीगढ़ के गुरुद्वारे में पंजाब की डा. अमरीन कौर से विवाह रचाया। इस शादी के बाद चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में साइकोलॉजी की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अमरीन कौर बुशहर रियासत की रानी बन गई हैं। विक्रमादित्य सिंह ने गिने-चुने मेहमानों की मौजूदगी में चंडीगढ़ में शादी की। इसके बाद नवविवाहित जोड़ा देर शाम शिमला पहुंचा और होली लॉज में दुल्हन का गृह प्रवेश हुआ। विक्रमादित्य सिंह इसके बाद 24 सितंबर को शिमला में अपने कैबिनेट सहयोगियों, कुछ विधायकों और खास रिश्तेदारों को शादी की पार्टी देंगे। शादी के बाद विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा कि डा. अमरीन कौर के साथ जीवन के एक अहम नए अध्याय की शुरुआत कर रहा हूं। इस शुभ अवसर पर मेरे पूज्य पिता राजा वीरभद्र सिंह की अनुपस्थिति हमेशा मेरे मन में रहेगी।उनका आशीर्वाद हर पल मेरे साथ है। मेरे लिए हिमाचल के 75 लाख लोगों से बढक़र कोई और परिवार नहीं। जीवन के हर पड़ाव पर आपका प्रेम, सम्मान और सहयोग मेरी सबसे बड़ी शक्ति रहा है। आज जब मैं जीवनसाथी के साथ एक नया सफर शुरू कर रहा हूं, मैं समस्त हिमाचल वासियों से अपनी खुशियों में भागीदारी की कामना, शुभकामनाएं और आशीर्वाद चाहता हूं। उधर, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह को परिणय सूत्र में बंधने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने नवविवाहित जोड़े के खुशहाल, प्रेम और आपसी सम्मान से भरे दांपत्य जीवन की कामना की है। उधर, मंडी से सांसद कंगना रणौत ने भी विक्रमादित्य सिंह को शादी की बधाई दी है।होलीलॉज में वधु के गृह प्रवेश पर आतिशबाजीशादी के बाद विक्रमादित्य सिंह दुल्हन के साथ सोमवार देर शाम शिमला पहुंचे। उनके निजी निवास होलीलॉज में वधु के गृह प्रवेश के समय खूब आतिशबाजी हुई। करीब नौ बजे गृह प्रवेश हुआ।
