शिमला, सुरेन्द्र राणा; कड़छम वांगतु प्रोजेक्ट में रॉयल्टी को लेकर हिमाचल प्रदेश के हक में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वागत किया है और कहा है कि कांग्रेस सरकार हिमाचल प्रदेश के अधिकारों को लेकर लड़ रही है जिसमें सरकार को कामयाबी मिली है। वाइल्ड फ्लावर होटल के बाद कड़छम वांगतु प्रोजेक्ट में हिमाचल के हक में निर्णय आया है। सरकार को इस प्रोजेक्ट से अब 12 की जगह 18 प्रतिशत रॉयल्टी मिलेगी जिससे सालाना 250 करोड़ की आय होगी।वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से बड़ा नुकसान हुआ है जिसको लेकर केंद्रीय मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की गई है।गृह मंत्री अमित शाह से आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने का आग्रह किया गया है और वित्त मंत्री से ऋण लेने की सीमा बढ़ाने की मांग की गई है। साथ ही आपदा से निपटने के लिए आपदा राहत पैकेज प्रदान करने की मांग उठाई गई है।भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से भी प्रदेश में आई आपदा को लेकर चर्चा हुई है। सरकार ने FCA में राहत देने की केंद्र से मांग की है और केंद्रीय मंत्रियों ने हर संभव सहायता का आश्वासन मिला है।
हिमाचल प्रदेश वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेशों पर वन भूमि से कब्जे हटाए जा रहे हैं और सरकार ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा था लेकिन कोर्ट इसमें सरकार की बात सुनने को तैयार नहीं है। सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने का विचार कर रही है। हिमाचल सरकार फलदार पौधों के कटान के हक में नहीं है सरकार को इसके ऑक्शन समय चाहिए।
प्रदेश वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलाकात को लेकर बोले मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्तिगत कार्य के चलते उनकी खड़गे से मुलाकात हुई है।इस दौरान संगठन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई और संगठन में किसी भी तरह का फेरबदल फिलहाल नहीं होगा। अभी सरकार की प्राथमिकता आपदा प्रभावितों और सेब बागवानों को राहत देने का है।
