कछयारी-भंगवार फोरलेन प्रोजेक्ट के लिए बनाई जा रही ट्विन टनल के निर्माण में सुरक्षा प्रबंधों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एडवाइजरी जारी कर दी है। इसके तहत अब सुरंग की खुदाई के साथ ही संभावित राहत और बचाव कार्यों के लिए पाइपलाइन बिछेगी। टनल प्रोजेक्ट का जिम्मा संभाल रही निर्माण कंपनी ने नई गाइडलाइन पर अमल शुरू कर दिया है। मटौर से शिमला फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत दौलतपुर की अंग्रेजों के जमाने की बनाई सुंरग के साथ ही ट्विन टनल का निर्माण शुरू किया गया है। निर्माण कंपनी ने मई 2023 से गजरेहड से समेला के आगे तक सुरंग के दोनों छोरों को मिलाने का काम शुरू किया है। सुरंग की खुदाई प्रारंभिक चरण में है। विशेषज्ञों की निगरानी में सैकड़ों मजदूर दो शिफ्टों में रात-दिन काम में जुटे हैं।
इसी बीच, हाल में उत्तरकाशी के सिलक्यारा में टनल हादसा सामने आ गया। सुरंग के एक हिस्से में भारी मलबा आने से इस हादसे में करीब 41 मजदूर पिछले 13 दिनों से सुरंग के भीतर फंसे हैं। उन्होंने सुरक्षित निकालने की जंग देश-दुनिया की सुर्खियां बनी हैं। बचाव एवं राहत की मुहिम को सुरंग के भीतर पाइप लाइन डालकर अंजाम तक पहुंचाने के प्रयास युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। इस हादसे से सबक लेने के बाद सतर्क हुई एनएचएआई ने नई एडवाइजरी जारी की है। कंपनी अब सुरंग की खुदाई को आगे बढ़ाने के साथ-साथ किसी भी संभावित खतरे या हादसे से निपटने के लिए राहत और बचाव कार्यों के लिए पाइप भी डालेगी।
