भारत की कूटनीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई फेल, पहले कॉमर्शियल गैस अब पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ा कर जनता पर डाला बोझ: विक्रमादित्य सिंह

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शिमला, सुरेंद्र राणा। केंद्र सरकार द्वारा बीते दिन पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि करने पर हिमाचल के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है और इसे भारत की कूटनीति के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विफल होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने चार राज्यों में चुनाव को देखते हुए पहले दाम नहीं बढ़ाए लेकिन जैसे ही चुनाव हो गए तो पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी वृद्धि कर दी ।कुछ समय पहले ही कमर्शियल एलपीजी के दाम डबल कर दिए थे और इससे खासा नुकसान देखने को मिला है। खास का रेस्टोरेंट ढाबा होटल पर इसकी मार पड़ी है। यह समय पर्यटन सीजन का है और धर्मशाला शिमला मनाली में काफी तादाद में पर्यटक आते हैं और यहां पर भी खाने के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं ।वही अब केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल महंगा कर दिया है और निश्चित तौर पर कमर्शियल गाड़ियों पर इसकी मार पड़ेगी जिससे सीमेंट सरिया व अन्य खाद्य सामग्री भी महंगी होगी। किसान बागवानों पर भी इसका असर देखने को मिलेगा । केंद्र सरकार को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए मुख्यमंत्री ने भी केंद्र सरकार को पत्र लिखा है और हिमाचल के संदर्भ में जो लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं उनकी आवाज को उठाया है । ईरान के साथ चल रहे युद्ध के चलते इसका अब असर देश पर देखने को मिल रहा है ऐसे में प्रधानमंत्री को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को उठाना चाहिए।वहीं उन्होंने कहा कि बिटुमन भी मंहगा हो गया है और प्रदेश पर भी असर पड़ा है। हिमाचल प्रदेश में इस सीजन में टायरिंग होती है और 500 किलोमीटर टायरिंग करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन दाम बढ़ गए हैं जिसकी वजह से ठेकेदार भी काम करने के लिए तैयार नहीं है यह मामला केवल हिमाचल का नहीं है अन्य राज्यों में भी इसका असर पड़ा है इसको लेकर भी प्रधानमंत्री को चाहिए कि आल पार्टी मीटिंग करें और इसका हल निकाला जाए ताकि विकास कार्यों पर असर न पड़े।

उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री अपील कर रहे हैं की गाड़ियों का कम इस्तेमाल करें और सोना ना खरीदे लेकिन इसका असर प्रदेश के सुनारों पर भी पढ़ रहा है जिस की रोजी-रोटी का जरिया ही यही है ऐसे में यह अपील करके प्रधानमंत्री ने इनकी रोजी-रोटी पर लात मारी है और इन मसलों को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता नहीं है लोगों को हितों को आगे रखकर फैसले लिए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने भी प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा है और निवेदन किया है कि इन संबंध में निर्णय जनहित को ध्यान रख कर फैसला लिया जाना चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि प्रदेश में हो रहे नगर निगम चुनाव को कांग्रेस ने मजबूती से लड़ा हैं और जहां जिसकी जो जिम्मेदारी दी गई थी । सभी ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है और अब कल मतदान होना है और जनता किसको अपना मत देख देती है यह देखना होगा। उन्होंने कहा कि शहरी विकास को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है और केंद्र सरकार से शहरी विकास के लिए 5400 करोड़ के पैकेज के प्रपोजल भेजी हैं 1200 करोड़ की स्वीकृति हिमाचल को मिल गई है जिसमें धर्मशाला मंडी पालमपुर सोलन में अन्य शहरी निकायों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। चुनावो के दौरान लोगो के सामने रोडमैप रखा गया है।वहीं प्रदेश में पर्यटन सीजन के दौरान गंदगी पर भी उन्होंने चिंता जाहिर की और कहा कि काफी तादात में पर्यटक हिमाचल आ रहे हैं जिससे कूड़े की समस्या उत्पन्न हुई है हजारों टन कूड़ा पैदा हो रहा है डिस्पोज सही तरीके से होना चाहिए और पर्यावरण को बचाना सभी की जिम्मेदारी है जो बायो डिस्पोजल प्लांट लगे हैं उनको भी कैपेसिटी को बढ़ाया जाएगा।

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